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रविवार, जनवरी 03, 2010

देखा कैसे चल दिया, बिना कहे यह साल

आज महावीर जी  के ब्लॉग पर नव वर्ष का कवि सम्मेलन आयोजित किया गया है. बेहतरीन और नामी गिरामी कवियों के बीच मुझ अदना से कवि को भी स्थान दिया गया है, बहुत आभार आयोजक मंडल का.

मेरे इस गीत को स्वरबद्ध कर अनुग्रहित किया है काव्य मंजूषा ब्लॉग की  स्वप्न मंजूषा शैल 'अदा' जी ने. सुनने के लिए नीचे प्लेयर पर जायें.

 

देखा कैसे चल दिया, बिना कहे यह साल
बरसों बीते देखते, इसका ऐसा हाल...

अबकी उसके साथ था, मन्दी का इक दौर
लोग राह तकते रहे, मिल जाये कहीं ठौर
जाने कितनों को किया, उसने है बेहाल...
देखा कैसे चल दिया, बिना कहे यह साल....

सूखे ने दिखला दिया,महंगाई का नाच
पण्डित बैठा झूठ ही, रहा किस्मतें बांच
कहीं बाढ़ आती रही, खाने का आकाल
देखा कैसे चल दिया, बिना कहे यह साल....

मेहनत से हम न डरें, खुद पर हो विश्वास
विपदा से हम लड़ सकें, हिम्मत रखना पास
गुजर गया है जान लो, संकट का ये काल
देखा कैसे चल दिया, बिना कहे यह साल....

इक आशा हैं पालते, नये बरस के साथ
दे जाये हमको नई, खुशियों की सौगात
हाथों में लेकर खड़े, आरत का यह थाल
देखो वो है आ रहा, नया नवेला साल...

देखा कैसे चल दिया, बिना कहे यह साल
बरसों बीते देखते, इसका ऐसा हाल...

-समीर लाल ’समीर’

उपरोक्त गीत को सुनिये ऑटवा, कनाड़ा की ब्लॉगर सुश्री स्वपन मंजुषा शैल ’अदा’ जी की मधुर आवाज में:

 

swapna

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बुधवार, दिसंबर 30, 2009

कहाँ गया पुराना साल?

 

BOOK

वो कहतें हैं

पुराना वर्ष चला गया...

मैं कहता हूँ

वर्ष कहीं जाता नहीं...

यह सिर्फ भ्रम है

ये दर्ज हो जाता है

इतिहास के सफ्हों में

एक और सफ्हा बन कर

जैसे कि

हमारे कर्म!!!

-समीर लाल ’समीर’

 

निवेदन:

वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाएँ और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

 

नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!

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शनिवार, दिसंबर 30, 2006

आपके लिये..

नूतन वर्षाभिनन्दन : दो मुक्तक

-१-

रोशन राहें दूर तलक हैं, मंजिल तक अब जाना है
नये साल में आशाओं का, फिर से खुला खजाना है
अब तक जो भी सीखा तुमने, उसको नींव बना लेना
आने वाले साल मे उसपर, तुमको महल बनाना है.

-२-

खुशहाली हो साथ तुम्हारे, सफल हो साधना तेरी
ईश कृपा हो तुझ पर हर पल, यही अराधना मेरी.
पूरे हों वो स्वपन सभी जो, अब तक तुमने देखे हैं
मंगलमय हो साल तुम्हारा, यही है कामना मेरी.

--नव वर्ष की ढ़ेरों मंगलकामनाओं के साथ

--समीर लाल 'समीर' Indli - Hindi News, Blogs, Links