रविवार, मई 10, 2009

हूँह्ह!! दीज़ ब्लॉगर्स!

अब तो कोई उपलब्धि गिनाते हुए शरम सी आ जाती है कि न जाने लोग यह न समझ बैठे कि रोज कुछ न कुछ उठाकर ले आते हैं और लगते हैं बधाई लेने. मगर क्या करें, आये दिन कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है कि बताना पड़ता है.

अब आज की ही ले लो. पोस्ट करने जा रहे थे कुछ और नजर प़ड़ी तो देखा अरे, यह तो तीन सौवीं पोस्ट है. न बतायें तो भी गलत. जब १०० वीं बताई थी, फिर २०० वीं बताई थी तो ३०० वीं के साथ ही ज्यादती क्यूँ कि न बताई जाये.

वैसे उपलब्धियों की महत्ता ही अपनों के द्वारा मनाई गई खुशी और बधाईयों से है. वरना, तो जंगल में मोर नाचा, किसने देखा.

याद है, जब कॉलेज के बाद स्कूटर खरीदा था. बड़े शान से सब दोस्तों के घर जा जाकर दिखाया, खूब बधाई बटोरी, पार्टी की और सीना फुलाये दोस्तों को बैठाया घूमते रहे. ये होती है खुशी.

और एक अब है, यहाँ कनाडा में बैठे बड़ी भारी कार भी खरीद ली. खुद देखी. खुद खुश हुए. सो गये. भला बताओ, ये भी कोई खुशी हुई. इसीलिए तो मजा ही नहीं आता है जी यहाँ पर.

तो हम बताये दे रहे हैं कि तीन सौवीं पोस्ट है.

उम्मीद तो यह भी की थी कुछ माह पूर्व कि जब हम तीसरा सैकड़ा लगा रहे होंगे तो हमारे बिरादर बवाल, लाल एण्ड बवाल पर साथ ही सैकड़ा लगवायेंगे मगर वो जाने कहाँ कहाँ और जाने कौन कौन से गम लादे घूम रहे हैं कि न तो दिख रहे हैं और न ही याद कर रहे हैं. वहाँ आँकड़ा ९१ पर अटका पिछले एक माह से.

हमारी कितनी ही गज़लें और गीत उनकी आवाज का इन्तजार कर रही हैं. शायद, तीसरा सैकड़ा देखकर वो जागें, यही उम्मीद करता हूँ.


आगे समाचार यह है कि १५ अप्रेल की सुबह ७ बजे ब्रसल्स, बेल्जियम के एयरपोर्ट पर जेट के विमान से उतरा तो एक अलग सी उमंग थी. शायद कुछ घंटो में बेटे बहु के पास पहुँच जाने की, या यूरोपीय यूनियन की राजधानी ब्रसल्स पहुँच जाने की, या कुछ देर बाद विश्व विख्यात ट्रेन ’यूरोस्टार’ से लंदन तक की यात्रा करने की या फिर इस यात्रा के दौरान इन्गलिश चैनल को पार करने के लिए उसके नीचे बनी ’यूरो टनल’ जिसे ’चनल’ भी कहते हैं, उसमें से गुजरने के अहसास की. जाने क्या, पर एक उमंग थी.

वहीं ब्रसल्स एयरपोर्ट पर नाश्ता किया. यूरिनल जाने के ५० यूरो सेन्ट याने लगभग ३० रुपये की मांग देख कर खांटी हिन्दुस्तानी मन नें नेचर्स कॉल तक रोक ली कि ट्रेन में चले जायेंगे, इतनी जल्दी भी क्या है.. :)

कुछ देर में यूरो स्टार में बैठने का सपना साकार हुआ और शुरु हुई दो घंटे की ब्रसल्स से लंदन ’सेन्ट पेन्क्राज़’ स्टेशन की यात्रा.

यूरोस्टार ट्रेन

लिलि यूरोप स्टेशन एक मात्र स्टॉपेज था और बस, उसके बाद ’यूरो टनल’ फिर लंदन ’सेन्ट पेन्क्राज़’ स्टेशन.

जैसे ही ’यूरो टनल’ शुरु हुई, मन में न जाने कैसी भावना घर कर गई. घड़ी देखते रहे. पूरे २५ मिनट लगे इन्गलिश चैनल के एवरेज लगभग २५ मीटर नीचे से गुजरते.

यूरो टनल

इस दौरान इन्गलिश चैनल के नाम पर मिहिर सेन याद आये. मिहिर सेन ने सन १९५८ में इसी इन्गलिश चैनल को १४ घंटे ४५ मिनट में तैर कर पार किया था. हमने उसी इन्गलिश चैनल को २५ मिनट में पार कर लिया.

ब्लॉगर मन सोचने लगा ’तो क्या हम मिहिर सेन से बेहतर कहलाये. क्या मिहिर सेन नें प्रासंगिगता खो दी.’

मिहिर सेन

विचार उठा तो समझ आया कि उनका उद्देश्य इन्गलिश चैनल पार करना नहीं, वरन तैराकी का प्रदर्शन था. उसमें वो आज भी प्रासंगिग है मगर उद्देश्य सिर्फ ’इन्गलिश चैनल’ पार करना होता तो आज उनकी औकात दो कौड़ी की हो जाती.

सोचता हूँ उद्देश्य का किसी भी विचार के साथ जुड़ा होना कितना जरुरी है उसकी गहराई आँकने के लिए, चाहे वो साहित्यकारी ही क्यूँ न हो.

अगर बुद्दिमत्ता, रचना-धर्मिता आदि की बात हो तो दीगर तरह से विचार करना पड़ेगा मगर इन्गलिश चैनल पार करने भर की बात की तरह यदि साहित्य के प्रचार, प्रसार और विस्तार की बात हो तो आज के युग मे यूरोस्टार की तरह, मूँह मे चुरट दबाये ब्लॉग और नेट की प्रासंगिगता को हूँह!! दीज़ ब्लॉगर्स! कहना मूर्खता का परिचायक ही कहलाया.

मगर मूर्खता करने से कौन किसे कब किस युग में रोक पाया है जो हम आज रोक लेंगे. ये तो अपने आप अपनी गति मारी जाती रही है, अबकी बार भी मर जायेगी, चिन्ता की कोई बात नहीं.



एक समीक्षा: एक लाईना

फिल्म का नाम: विदेश (हेवन ऑन अर्थ)



भारत में बनी बड़ी भारी कोई नौटंकी फिल्म, कनाडा में बनी इस नौटंकी के सामने फीकी पड़ जाये. दिखाते हैं कि अगर सच बोला तो साँप नहीं काटेगा, वरना काट लेगा. साँप प्रिति जिन्टा का चरित्र निर्धारण कर रहा है और पूरा परिवार बैठा साँप के जजमेन्ट का इन्तजार करता है. गजब भई, ऐसा कनाडा है.

न सिर, न पैर
बेवजह प्रवासियों से बैर.

ऐसा कहीं होता है क्या यार..
कि सिर्फ विदेशी ग्रांट मिलने से प्यार

( कहो, दीपा जी-कुछ तो कहो!!! )

माना कि थोड़ा बहुत कुछ सही होगा
मगर फिल्म बनाने लायक नहीं होगा.

छोड़ो ये सब, एक उचित और सार्थक कार्य करो इस मौके पर केक मांगने के बदले:

”धरा बचाओ, पेड़ लगाओ’ अभियान शुरु कर रहा हूँ...दायें पैनल में इसके कोड है, अपने ब्लॉग पर लगा कर जरा इस अभियान में योगदान दो न इस मौके पर. बहुत साधुवाद होगा आपका और ३०० वीं पोस्ट लिखना सार्थक हो जायेगा:

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93 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

धरा बचाओ के नए अभियान के आरंभ के लिए बधाई!
कुछ मूर्खताएँ वाकई बड़ी उपलब्धियाँ लाती हैं।

बालसुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण ने कहा…

300 वें पोस्ट की महत्वपूर्ण मंजिल तक पहुंचने के लिए बधाई। पेड़ा लगाओ, धरती बचाओ बटन अपने बाल जयहिंदी ब्लोग में लगा लिया है। इसके लिए भी धन्यवाद।

Yogesh Verma Swapn ने कहा…

sameer ji , 300th post ke liye 300 bar badhai sweekaren, bahut achcha likha hai english vhannel ki sair kara di. maza aya lekh padhkar. dhara bachao wala button lagane ki koshish karta hun. dhanyawaad.

हें प्रभु यह तेरापंथ ने कहा…

बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। बधाई। :)
लालाजी!!!!!लो भाई ३०० बधाई ले लो हिसाब किताब चुकता। अब हमे आपसे लेना बाकी खाता बही मे जमा कर दे।

अजित वडनेरकर ने कहा…

बधाई वाली खबरें देते रहिए और बधाइयां लेते रहिए।

हें प्रभु यह तेरापंथ ने कहा…

क्या गिनती कर रहे थे , मारवाडी हू हिसाब मे पक्का हू जी। चेक कर लेना ३०० पुरी कि पुरी बधाई है।
नमस्कार मगल एवम शुभकामनाओ के साथ अब जाना पडेगा क्यो कि ताऊ ने आपकी फोटु लटका रखी है अपने ब्लोग मे ॥॥
RAM RAM JI

Unknown ने कहा…

300 का आंकड़ा छूने की बधाई। जल्द ही यह आंकड़ा 3000 तक पहुंचे।

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

धरा पर
जिस पेड़ को
लगाओ या उगाओ
उसे भी तो बचाओ
और बचाओ
उस मानसिकता को
जो न धरा बचाती है
न पेड़
होड़ लगाती है सिर्फ
दौड़ से, दौड़ती है तेज
फिर भी पिछड़ जाती है
मानसिकता हमारी।

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

धरा पर जिस पेड़ को
लगाओ या उगाओ
उसे भी तो बचाओ
और बचाओ
उस मानसिकता को
जो न धरा बचाती है
न पेड़
होड़ लगाती है सिर्फ
दौड़ से, दौड़ती है तेज
फिर भी पिछड़ जाती है
मानसिकता हमारी।

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून ने कहा…

तीन सौंवीं पोस्ट..ख़ुशी की बात है, और ख़ुशी बांटने के लिए ही होती है.
ऐसा न होता तो आप स्कूटर लेकर दिखाते न घूमते,
लोग कवितायें लिखकर ब्लोगों पर छापते न फिरते,
मैं भी कार्टून बना कर फाइलों में दबाये बैठा होता....
बहुत बहुत बधाई.

Arvind Mishra ने कहा…

बधाई तीन सउवें की ,इंग्लिश चैनेल पार करने की ! नया अभियान छेड़ने की !

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

और बधाई
जल्‍दी से भिजवाओ मिठाई
पर चित्र में सही
भेजो आरकुट में
या भेजो ई मेल में

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बधाई इस तीसरे शतक की और नये अभियान की सफ़लता की शुभकामनाएं. हम भी ले जाते हैं इसको.

रामराम.

रंजन ने कहा…

समीर भाई बधाई.. बधाई ३०० वी पोस्ट की.. और बधाई ’चनल’ पार करने की.. बधाई.. "पेड़ लगाओ, धरती बचाओ" अभियान की...

और बधाई आज के इस पोस्ट की.. इस पोस्ट में आपने बहुत सारी बातें बातों ही बातों में बता दी..

और बधाई... ये ऐसे ही..:) बस दिल कर गया..

"अर्श" ने कहा…

SAMEER JI IS 300 POST KE LIYE BADHAAYEE AAPKO SAATH ME YE SASMARAN KE LIYE BHI...DHERO BADHAAYEE...MAGAR 30 SENT WAALI BAAT BAHOT ROCHAK RAHI...

ARSH

Mumukshh Ki Rachanain ने कहा…

सोचता हूँ उद्देश्य का किसी भी विचार के साथ जुड़ा होना कितना जरुरी है उसकी गहराई आँकने के लिए, चाहे वो साहित्यकारी ही क्यूँ न हो.

सत्य वचन

पर यह भी उतना सच है कि एक गलती हजारों गलतियों का सिलसिला बन जाती है. आपकी पहली पोस्ट शायद गलती से ही आयी होगी और आज यह सिलसिला ३०० के आंकड़े को छू गया. क्योंकि अधिकतर अविष्कार गलती से ही हुए हैं और उपलब्धि बन गए सो आपकी भी यह उपलब्धि मानते हुए मैं तहे दिल से आपको बधाई दे रहा हूँ, कबूल फारमाएं

चन्द्र मोहन गुप्त

रंजू भाटिया ने कहा…

बधाई जी इंग्लिश चेनल पार करने की :) ३०० पोस्ट की ...आप इसी तरह लिखते रहे

Gyan Dutt Pandey ने कहा…

बहुत बहुत बधाई।
हमें यह घनघोरआपत्ति है कि ट्रेन दिव्य निपटान/विसर्जन के लिये होती है!

कुश ने कहा…

यूरोस्टार के बारे में तो हमने सिर्फ सुना ही है.. शायद कभी मौका मिले उसमे बैठने का..
हैवन ऑन अर्थ अभी तक देखी नहीं तो उस पर तो क्या काहें..
रही बात बधाई की तो वो तो पाठको को मिलनी चाहिए तीनसौ पोस्ट पढना कोई मामूली बात नहीं है उस पर टिपण्णी भी ज़रूरी.. :)

seema gupta ने कहा…

धरा बचाओ के नए अभियान के आरंभ के लिए बधाई!३०० वी पोस्ट की.. उपलब्धी पर बधाई और शुभकामनाये

regards

P.N. Subramanian ने कहा…

त्रिशतक के लिए बधाई. tunnel में सु सु निकली की नहीं. मजा आ गया. आभार.

Prem Farukhabadi ने कहा…

समीर भाई
बहुत अच्छी और बहुत सच्ची बात कही आपने. बधाई.

वैसे उपलब्धियों की महत्ता ही अपनों के द्वारा मनाई गई खुशी और बधाईयों से है. वरना, तो जंगल में मोर नाचा, किसने देखा.

Vinay ने कहा…

वाह जी वाह, दुरुस्त

RAJNISH PARIHAR ने कहा…

जी बहुत अच्छी दुनिया.. से परिचय करवाया आपने...!हम तो यहाँ बैठ कर कल्पना ही कर सकते है..और आप हमे रूबरू करवा ही रहे हो..

मीत ने कहा…

बधाई हो... आखिर तिहरा शतक बनाया है...
सुंदर लेख...
मीत

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत बहुत बधाई .. धरा बचाओं का यह अभियान शुरू करना अच्‍दा लगा .. मै गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष में भी यह कोड लगा रही हूं।

Himanshu Pandey ने कहा…

तीन सौवीं पोस्ट की बधाई ।

प्रवीण त्रिवेदी ने कहा…

तो फिर क्यूं न बधाई फिर दी जाए!!

बधाई बधाई बधाई बधाई बधाई बधाई बधाई बधाई !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

संजय बेंगाणी ने कहा…

बधाई. तीन सौ बार बधाई.

जहाँ जहाँ घूम आए, विवरण दिया...मजा आया...उसकी भी बधाई, और जो 30 रूपये बचा लिये उसकी विशेष बधाई :)

हम तो चाहते है आपको हर पल कोई न कोई खुशी मिले, उपलब्धी प्राप्त हो और हम बधाई देते हुए मिठाई की कामना करते रहें.

Chandan Kumar Jha ने कहा…

सर, ३०० वें पोस्ट की बधाई.

मैंने, आपके द्वारा दिया गया code अपने ब्लॉग पर लगा लिया है.

गुलमोहर का फूल

गौतम राजऋषि ने कहा…

300 post????? baap re...sahaj hi wishwaas nahee hotaa..
badhaai ho..

maj purosotam kee yaade...mai bahut kareeb se judaa hua hoo us din kee ghatanaa se
03 nov 1999
time- 1735 hrs
mai unse mahaj 2-3 kilometer kee doori par thaa....ek celebration thaa mere unit ke mess me, jise me unko bhee aanaa thaa..
i wish he would have come that day to our mess...he would have been alive today...

समयचक्र ने कहा…

३००वी पोस्ट की बधाई . रहा बबाल जी का सो जनाब इस समय पूना में मौजा मौजा कर रहे है . मेरी उनसे नागपुर से पूना जाते समय उनसे मोबाइल बात हुई थी .

Pt. D.K. Sharma "Vatsa" ने कहा…

समीर जी हमारी तरफ से भी बधाई स्वीकार करें.......

Sanjeet Tripathi ने कहा…

बधाईयां

नीरज गोस्वामी ने कहा…

हमारी भी बधाई...आप तो जी ब्लॉग जगत के लता मंगेशकर हो ( सिर्फ प्रसिध्धि के संधर्भ में कह रहा हूँ) आप जो करेंगे कीर्तिमान ही होगा...
यूरो टनल की सैर करवाने का शुक्रिया....पुरानी यादें ताज़ा हो रही हैं...
नीरज

Vineeta Yashsavi ने कहा…

300 post ki liye badhai...

धरा बचाओ, पेड़ लगाओ’...

डॉ .अनुराग ने कहा…

हमने कल ही अशोक के तीन पेड़ लगाये है जी......बधाई हम देंगे नहीं क्यूंकि..सचिन जैसे कोई भी पारी खेलता है उसका कोई ना कोई नया रिकोर्ड बनता है..ऐसा ही आपका हाल है......ब्लोगिंग की मौज ले....इत्ता सीरियस ना ही होए....हमें तो जो मन होता है ठेल देते है ......

महामंत्री - तस्लीम ने कहा…

ब्‍लॉगजगत में बहुत से लोग आए और चले गये, पर जो पूरी निष्‍ठा के साथ टिके रहे, उनमें आप प्रमुख हैं, तभी हम आपकी 300 पोस्‍ट पढ पा रहे हैं। इसलिए बधाई तो बनती ही है।

-जाकिर अली रजनीश
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SBAI / TSALIIM

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

पहले तो ३०० वीं पोस्ट के लिये ३०० बार बधाई. अब अपने साथ-साथ हमें भी यूरो ट्रेन, यूरो टनल और इन्गिश चैनल पार करवाने के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद.

दिगंबर नासवा ने कहा…

बधाई बधाई बधाई समीर भाई..............
३०० वि पोस्ट पर...............इतनी बढ़िया पोस्ट पर............इतने अच्छे अभियान पर............euro रेल की यात्रा पर...........बेटे बहू से मिलन पर............और इसको (हमारा कमेन्ट) पढ़ कर हमें भी २ पल को याद करोगे .......इस बात पर

अनाम ने कहा…

300 post..............wah ji wah

नितिन | Nitin Vyas ने कहा…

”धरा बचाओ, पेड़ लगाओ’ अभियान शुरु करने और तीसरे शतक पर बहुत बहुत बधाई!!

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

kya baat hai....

3-3 uplabdhiyan......

jai ho...........

राकेश खंडेलवाल ने कहा…

हो गई न हद
हम तो अभी तक सौवीं के ही केक की प्रतीक्ष में थे, फिर आशा बँधी कि शायद भारत से मिठाई का एक डिब्बा हमारे नाम वाला होगा परन्तु चुनावी वायदे की तरह दो सौवीं भी गुजर गई और ये तीन सौवीं अब. न बाबा न. हम बधाई नहीं देंगे. पहले सौवीं का उधार चुकता करें फिर उसके बाद हम बधाई देंगे लेकिन हजारवीं पर ही. बीच में सूद के तौर पर आप मिठाई भेजेंगे तो स्वीकार्य है.

Fedex और UPS दोनों को ही बोल रखा है पैकेट पर निगाह रखने के लिये.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

उद्देश्य का किसी भी विचार के साथ जुड़ा होना कितना जरुरी है उसकी गहराई आँकने के लिए, चाहे वो साहित्यकारी ही क्यूँ न हो....
सद् विचार .हमेशा की तरह आपकी यह तीन सौवीं पोस्ट भी धमाकेदार .बहुत सारी बधाई नए अभियान केलिए भी ..

शोभना चौरे ने कहा…

वैसे उपलब्धियों की महत्ता ही अपनों के द्वारा मनाई गई खुशी और बधाईयों से है. वरना, तो जंगल में मोर नाचा, किसने देखा.
300VI POST KE LIYE BHUT BHUT BADHAI
aur is khavat ka pryog bhut khubi se karne ke liye bhi badhai ,DHARA BCHAO PED lgao abhiyan ke liye bhut badhai.

Aadarsh Rathore ने कहा…

aaj meri bhi blog par 100th post hai.... aapse tippani ki ummed karta hoon, kyunki mere blog ki pehi post par sabse pehle comment aap hi ka tha

Shiv ने कहा…

बधाई हो भैया. जब-जब बधाई का मौका आये, उसे लेना ही चाहिए. आप जल्दी ही चार सौवीं पोस्ट लिखें. बवाल भाए भी जल्दी ही सौवीं पोस्ट लिखें, यही कामना है.

मिस. रामप्यारी ने कहा…

हाय अंकल...कैसे हैं? तीन सौ वीं पोस्ट की बधाई..और अंकल आपने ये पेड लागाओ अभियान अच्छा शुरु किया. मुझे बहुत पसंद आया अंकल. थंक्यु अंकल..

सुशील छौक्कर ने कहा…

बधाई जी 300वी पोस्ट लिखने के लिए जी।

शेफाली पाण्डे ने कहा…

ये आपके सितारों का खेल है
बधाइयों की चल रही रेल है
लेते जाइये बधाइयाँ ..
कभी खिला भी दीजिए मिठाइयाँ ...

रविकांत पाण्डेय ने कहा…

नाबाद तिहरे शतक की बधाई। और ये पेड़ लगाने की मुहिम स्वागत योग्य है।

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

ट्रिप्‍पल सेंचुरी की बडी भारी बधाई स्‍वीकार करें

dhiru singh { धीरेन्द्र वीर सिंह } ने कहा…

३०० वी पोस्ट आपके लिए कोई उपलब्धि नहीं लेकिन हम जैसे नौसिखियों के लिए एक प्रेरणा है ,लिखना और वह लिखना जो दुनिया पसंद करे कोई आपसे सीखे . ख़ैर आप को ३०० वी पोस्ट की बधाई आपसे आगे भी ऊर्जा प्राप्त होती रहेगी इसी इन्तजार मे

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

मोहन जी
कितनी भी भारी हो
पर पेड़ जितनी भारी तो नहीं होगी न

अनाम ने कहा…

तीन सौवीं पोस्ट की बधाई

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

यूरोस्टार की यात्रा बढिया लगी
और साथ ही,
३०० शतक पोस्ट की
जोरदार बधाई !!
आपका लेखन, यूँ ही
गतिमान रहे
और
कीर्तिमान स्थापित करता रहे
यही सद्` आशा के साथ,
स स्नेह,
- लावण्या

Unknown ने कहा…

300
+badhai
_____________________
=300 badhai

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

आपने चर्चा किया 300 वें पोस्ट का,
ये बात बिल्कुल सही है.,
अपनी उपलब्धियाँ बताना,
कोई बड़बोलापन नही है.

जिंदगी मे खोने और पाने की,
फ़िक्र भी ज़रूरी है.
मोर जब नाचा है,
तो ज़िक्र भी ज़रूरी है.

आपकी लेखनी समस्त,
दुनिया पर छाई,
ट्रिपल सेंचुरी के लिए आपको हार्दिक बधाई,

साथ ही साथ धन्यवाद,
अमूल्य योगदान के लिए.
धरा बचाओ,पेड़ लगाओ जैसे,
सार्थक अभियान के लिए.

अनिल कान्त ने कहा…

बधाई हो ...

Astrologer Sidharth ने कहा…

समीर भाई, पहले बधाई....

क्‍या स्‍वीकार कर ली....



hu'h thease blogger's

:)

Abhishek Ojha ने कहा…

बधाई हो ! ढेर सारी बधाई !

मीनाक्षी ने कहा…

300वीं पोस्ट की बहुत बहुत बधाई...काश आपका प्रकृति प्रेम सबके मन को मोह ले...

संजय तिवारी ने कहा…

आपको बहुत बधाई तीसरे शतक पर.

धरा बचाओ अभियान के लिए साधुवाद. अपने ब्लॉग पर लगा लिया है.

साधवी ने कहा…

बधाईयाँ और ३०१ बार तालियाँ.

Rachna Singh ने कहा…

यह तो तीन सौवीं पोस्ट है.

already congratulated you for this on charcha manch but repeating it here for the fear of being called ill mannered blogger di
यहाँ कनाडा में बैठे बड़ी भारी कार भी खरीद ली
oh that is another reason to come to canada for a joy ride and congrats once again its matter of happiness and joy

”धरा बचाओ, पेड़ लगाओ’ अभियान शुरु कर रहा हूँ...
thanks

डा. अमर कुमार ने कहा…

बधाई हो भाई जी, लिखा थोड़ा पढ़ना ज़्यादा ।
आगे सब कुशल क्षेम है, जरा कोनो कनाडियन पन्डित से विचरवाओ.. आज यहाँ, कल वहाँ, पैर में लगे शनीचर को शाँत कर दें । बहुरिया को आशिष, बेटवा को प्यार । लगता है, अकेले विचर रहे हो..काहे से कि सूसू किया पूछने वाली साथै होतीं , तो तीस रुपिया यूँ ही न्यौछावर कर देतीं । बचा के का किया हिसाब देयो ।

कडुवासच ने कहा…

... बधाईयाँ !!!!!!!!!

पंडितजी ने कहा…

बहुत बहुत बधाई। समीर भाई बधाई.. 300 का आंकड़ा छूने की बधाई।

पंडितजी ने कहा…

बहुत बहुत बधाई। समीर भाई बधाई.. 300 का आंकड़ा छूने की बधाई।

अभिषेक मिश्र ने कहा…

ट्रिपल सेंचुरी की बधाई.

Arkjesh ने कहा…

बहुत बहुत बधाई समीर जी ३००वीं पोस्ट के लिये और ४०० वीं पोस्ट के लिये शुभकामनायें । जैसा आपका नाम है वैसा ही आपका लेखन । पढते हुए लगता है जैसे मन्द पवन का झोंका बह रहा है ।आपके मिहिर सेन प्रसंग की तर्ज पर यह कहा जा सकता है कि आपने वीरेन्द्र सहवाग के ३०० रन की रेकार्ड की बराबरी कर ली है ।

मथुरा कलौनी ने कहा…

समीर जी
300 वीं पोस्‍ट के लिये बधाई स्‍वीकार करें। अपनी उपलब्धि गिनाना आपका धर्म बनता है। न गिनाने का अधर्म करने की सोचे भी नहीं।
लिखते रहिये।

prabhat gopal ने कहा…

congratulation sirji

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

aapko badhai,
MIHIR SEN se aage nikale ya nahin pataa nahin par SACHIN TENDULKAR se jaroor aage nikal gaye. wo apni poori cricket life men 300 ko nahin chhoo sakaa.
BADHAAAAAIIIIIII.
ham aapke abhiyan men aapke saath hain, ham hi nahin hamaare shahar ke hamaare YUVA SATHI is abhiyan ko bahut arse se chalaa rahe hain.
firse BADHAAAAIIII

Unknown ने कहा…

३००वी पोस्ट पर हार्दिक बधाई. यूरो स्टार की यात्रा का वर्णन अमिताभ बच्चन ने भी अपने ब्लॉग पर किया है. उनकी पोस्ट तो वैसे भी स्क्रीन प्ले लगती है मगर ३० रुपियो के लिए सु सु ट्रेन आने तक रोकना अपने जैसा ही लगा. ज्ञान जी को आपत्ति है की रेल मे अपने दिव्या निपटान किया पर उनकी और हमारी ट्रेन मैं तो निपटान के साथ साथ दिव्य लेखन भी होता है.

श्रद्धा जैन ने कहा…

lo ji hum time par pahunch gaye
aapka itna badha karnaama aur hum badhayi dene na pahunche aisa bhala ho sakta tha

aapse is baar india main mulaqat hogi umeed hai

Unknown ने कहा…

Teensowi post ke liye badhaee. ek post aur hazar baten. euro rail, mihir sen,save earth, aur hunh these bloggers bhee.
Dhara bachane ka symbol kaise copy karen.

जितेन्द़ भगत ने कहा…

लेट-लतीफ बधाई भी स्‍वीकार कीजि‍ए, ट्रेनवाला प्रसंग पढकर रोमांच से भर आया।

Shikha .. ( शिखा... ) ने कहा…

Bahut Bahut Badhaai aapko..

Bhagwaan aapko isi tarah badhaai ka patra banaata rahe, Yehi dua hai hamari... :)

K M Mishra ने कहा…

300 वें पोस्ट के लिए बधाई . जल्द ही यह आंकड़ा 3000 तक पहुंचे। धरा बचाओ के नए अभियान के आरंभ के लिए बधाई!

sanjiv gautam ने कहा…

प्रणाम दादा,
आपने बिल्कुल सही पह्चाना. मुझे भी आश्चर्य हुआ कि उडन तश्तरी आपक ब्लाग है. कैसे हैं. कितनी खुशी हो रही है बता नहीं सकता. आपकी बिख्ररे मोती की चर्चा खूब हो रही है. मेरी भी बधाई स्वीकारें. अब आगे संवाद होता रहेगा. पुन: प्रणाम. संजीव गौतम

Urmi ने कहा…

मुझे आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा! मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है!
बहुत बहुत बधाई! आपने इतना सुंदर लिखा है कि आपकी जितनी भी तारीफ करुँ कम है! बहुत ही शानदार!

Bhawna Kukreti ने कहा…

pahle to badhai , fi hame sair karane ke liye dhanyavaad aur punah dhara bachao jaisa nek abhiyaan shuru karane ke liye sadhuvaad.
lekin ji hame nahin pata tha ki 100 post poora karna bhi ek upalabdhi hai:) varna mujh jaisa miyaan mithoo aisa mauka haath se naa jane deta :)
khair achha laga pahle 1000 tipanni aur ab 3oo post badhai ji bahut bahut badhai

Rajender Soni ने कहा…

Dear fren Sameer ji, 1000 bunddles of congrates for 300th posts importent step....
u r gre8

Alpana Verma ने कहा…

बहुत बहुत बधाई समीर जी. ३०० वीं पोस्ट पर...
ब्लॉग्गिंग में ,यह सच में बड़ी उपलब्धि है..वैसे आप को टक्कर देने के लिए डॉ.मयंक जी हैं उन्होंने बहुत ही कम दिनों में १०० पोस्ट पूरी कर ली है...:)
लेकिन इस एक पोस्ट की तीन पोस्ट हो सकती थीं..यह रेल को देखकर याद आया..दुबई में भी जल्दी ही मेट्रो शुरू होने वाली है...

बधाई यूरो ट्रेन के सफ़र हेतु..

फिल्म समीक्षा--प्रीती जिंटा पहचानी नहीं जा रही!उनकी कोई बड़ी बहन दिखती है.

महावीर ने कहा…

आपका ब्लाग भी यूरो टनल की ही गति से चल रहा है।
३००वीं पोस्ट के लिए बधाई और धरा बचाओ के कोड के लिए धन्यवाद।
महावीर शर्मा

अभिषेक मिश्र ने कहा…

Aapke 'Ped lagao'logo ko apne donon blogs 'Dharohar' aur 'Gandhiji' par bhi add kar liya hai. Dhanyavad.

निर्मला कपिला ने कहा…

300वीं पोस्ट के लिये बहुत बहुत बधाई

विजय तिवारी " किसलय " ने कहा…

समीर जी
आपकी उपलब्धि पर हमें भी हार्दिक ख़ुशी हुई.
संस्मरण अच्छा है.
सन्देश
”धरा बचाओ, पेड़ लगाओ’
अच्छा लगा.
- विजय

amit ने कहा…

बड़े बुज़ुर्ग कहते हैं कि खुशी बाँटने से बढ़ती है और ग़म बाँटने से कम होता है। और अपनों के साथ बाँटी खुशी ही वाकई असली खुशी होती है, वर्ना उसका महत्व कम हो जाता है!

इसलिए पोस्ट लेखन का तीसरा सैकड़ा पार करने की खुशी बाँटी उसके लिए साधुवाद और बधाई, जल्द ही दो सैकड़े और मार पाँच सौ पर पहुँचें। :)

और यूरोस्टार से एक बार इंग्लिश चैनल पार करने की हमारी भी तमन्ना है, पिछले साल करने की सोची थी लेकिन मौका न मिला! ;)

बवाल ने कहा…

क्या बात है बड़े भाई, आखिरकार आप ही निकले जिसे हमारी याद आई। और आपकी ३०० वीं पोस्ट की पार्टी हमने अपनी ससुराल मंगलूर में अपनी आधा दर्जन सालियों के साथ मनाई। हा हा बहुत बहुत बधाई गुरू बहुत बहुत बधाई। बहुत जल्द ब्लोग पर आता हूं।

Zeashan Zaidi ने कहा…

ट्रिपिल सेंचुरी मारने पर बहुत बहुत बधाई