शनिवार, दिसंबर 30, 2006

आपके लिये..

नूतन वर्षाभिनन्दन : दो मुक्तक

-१-

रोशन राहें दूर तलक हैं, मंजिल तक अब जाना है
नये साल में आशाओं का, फिर से खुला खजाना है
अब तक जो भी सीखा तुमने, उसको नींव बना लेना
आने वाले साल मे उसपर, तुमको महल बनाना है.

-२-

खुशहाली हो साथ तुम्हारे, सफल हो साधना तेरी
ईश कृपा हो तुझ पर हर पल, यही अराधना मेरी.
पूरे हों वो स्वपन सभी जो, अब तक तुमने देखे हैं
मंगलमय हो साल तुम्हारा, यही है कामना मेरी.

--नव वर्ष की ढ़ेरों मंगलकामनाओं के साथ

--समीर लाल 'समीर' Indli - Hindi News, Blogs, Links

19 टिप्‍पणियां:

राकेश खंडेलवाल ने कहा…

लिये कामना और साधना हम भी पल पल आराधें
और हमारे साथ आपकी भी हों सब
पूरी साधें
स्वप्न हमारे साथ साथ मिल
फलीभूत अब सब होलें
मिल कर नये वॄक्ष पर हम तुम आशा
की डोरी बाँधें

mahashakti ने कहा…

आपके द्वारा लिखा गया मुक्‍तक, नव वर्ष के लिये नया संदेश लेकर आती है। प्रत्‍येक व्‍यक्ति के जीवन ने प्रेम का महत्‍व है। प्रेम-सौहार्द से सब कुछ जीता जा सकता है। नव वर्ष मे ये मुक्‍तक प्रकाश पुंज का काम करेगा। जो सदा सत्‍य मार्ग दिखायेगा।
आपको तथा आपके सभी पाठको को नव वर्ष की शुभ कामनाऐ

Pankaj Bengani ने कहा…

नए वर्ष की सभी मित्रों को शुभकामनाएँ

संजय बेंगाणी ने कहा…

नववर्ष की शुभकामनाएं

sur ने कहा…

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

mahashakti ने कहा…

प्रथम 10 मे चुने जाने तथा नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाऐ

श्रीश । ई-पंडित ने कहा…

आपको तथा आपके प्रियजनों को नववर्ष की बहुत-बहुत बधाईयाँ समीर भाईसाहब।

उम्मीद है नये वर्ष में भी आपकी कविताएं इसी तरह हमारा मनोरंजन करती रहेंगी।

महावीर ने कहा…

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

बेनामी ने कहा…

नये वर्ष में पाइये सब कुछ भाई समीर ।
दुनियाँ में बन जाइये सबसे बडे अमीर।।

नये वर्ष पर ढेर सारी शुभकामनायें
शास्त्री नित्यगोपाल कटारे

MAN KI BAAT ने कहा…

नववर्ष पर शुभकामनाएँ।

SHUAIB ने कहा…

नम्सते समीरजी
आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनएं

Prosoft ने कहा…

Sameer: Thandi havaa kaa ek Jhonkaa.
Sameer ji likhane men aapakii shradhaa aadar kii patra hai.

Saadhu vaad
Mahendra Singh

Tāpas ने कहा…

धन्यवाद समीर जी! नव वर्ष आपके लिये भी मंगलमय हो ।

ranju ने कहा…

नववर्ष की शुभकामनाएं [:)]

Neeraj Sharmaa ने कहा…

अमेरिका में रह कर माटी को नही भूले ना ही मातृभाषा को जानकर सुखद लगा। कविताएँ सीधी सरल मन को छूने वाली लगी । मार्गदर्शन करते रहें।

Rakesh Kumar ने कहा…

खुशहाली हो साथ तुम्हारे, सफल हो साधना तेरी
ईश कृपा हो तुझ पर हर पल, यही अराधना मेरी.
पूरे हों वो स्वपन सभी जो, अब तक तुमने देखे हैं
मंगलमय हो साल तुम्हारा, यही है कामना मेरी.

आपकी इस पोस्ट पर 'नई पुरानी हलचल'से आना हुआ.आपकी सुन्दर कामना आपके सुन्दर व्यक्तित्व की ही परिचायक है.
आभार.

मेरे ब्लॉग पर आपका इंतजार है.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

पूरे हों वो स्वपन सभी जो, अब तक तुमने देखे हैं
मंगलमय हो साल तुम्हारा, यही है कामना मेरी.

बहुत ही बढ़िया सर!

सादर

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी रचना ... आभार ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर कामना लिए अच्छे मुक्तक