सोमवार, नवंबर 17, 2008

एक पाती टोरंटो हवाई अड्डे से

लेसर बी पियरसन एयरपोर्ट. टोरंटो शहर के बीच बसा टोरंटो की शान यहाँ का अंतर्राष्ट्रिय हवाई अड्डा. मैं टोरंटो के पूर्व स्थित एक सबर्ब में रहता हूँ और वहाँ से यहाँ तक आने में लगभग ४०-४५ मिनट लग जाते हैं. लगभग ६० किमी की दूरी आधा शहर पार करते हुए.

काफी बदलाव, साज सजावट की गई है इस हवाई अड्डे की महत्ता बरकरार रखने के लिए और अभी भी काफी काम जारी है. तीन बड़े बड़े टरमिनल हैं और १ नम्बर से अंतर्राष्ट्रिय उड़ाने, २ और ३ से आंतरिक एवं अमरीका की उड़ाने. अमरीका तो लगभग आंतरिक ही कहलाया. पड़ोसी और उस पर लंगोटिया.

आजकल टर्मिनलस को आपस में जोड़ने मोनोरेल भी शुरु हो गई है जिसमें ४ डिब्बे है मगर कोई चालक नहीं. स्वचालित है. शुरु में टेस्टिंग फेज़ में एक ड्राईवरनुमा प्राणी बैठा रहता था, लगता था जैसे वो ही ट्रेन चला रहा हो. लोगों का यह मात्र भ्रम साबित हुआ. ज्ञानी जानते भी थे मगर दिगभ्रमित लोगों को देख उन्हें भी मजा आता था, अतः खुद भी चेहरे पर भ्रम का भाव लिए भीतर भीतर प्रसन्न होते रहते थे.टेस्टिंग पूरी. अब चालक नहीं होता. यह टेस्टिंग प्रक्रिया मात्र ३-४ माह में पूरी हो गई. अब सब जान गये हैं कि मोनोरेल अपने आप चलती है और वो चालक मात्र चलाने का भ्रम पैदा कर रहा था.

और एक हम हैं अब तक भ्रम पाले हैं. ६० साल बीत गये. अभी भी टेस्टिंग फेज़ चालू है. सब सोच रहे हैं कि ये मंत्री देश चला रहे हैं.बहुतेरी जनता तो भ्रमित है और जानकार लोग लोगों के इस भ्रम पर भीतर भीतर मुस्कराते, फायदा उठाते. कब तक परिक्षण चलता रहेगा और हम यूँ ही भ्रमित होते रहेंगे.

आधे घंटे पहले पहुँचा हूँ. काउन्टर पर भारतिय बंदा था. आदतानुसार काम का दिखा अतः मित्र बन गया. कहाँ का रहने वाला है. कब से यहाँ है आदि आदि का आदान प्रदान हुआ और आराम से लगेज चैक इन हो गया है.

सुरक्षा जांच के बाद भीतर चले आये है. भव्य इमारत के उस कोने में जहाँ से हमारी फ्लाईट का गेट है. पूरे १५ मिनल का पैदल रास्ता मगर बेल्ट पर खड़े खड़े. कदम नहीं चलाने पड़े. और क्या चाहिये हमें. हिलना डुलना भी न पड़े और काम बन जाये. इससे बेहतर तो कुछ हो ही नहीं सकता.

अभी फ्लाईट में १ घंटे से ज्यादा समय है. फिर शुरु होगी आगे की थकाऊ २० घंटे की हवाई यात्रा २ घंटे ब्रसल्स में रुकते हुए. पत्नि हमेशा की तरह ड्यूटी फ्री शॉपिंग में व्यस्त और मैं हमेशा की तरह अपना कम्प्य़ूटर खोले आपको हाल सुना रहा हूँ.

अभी यहीं तक. पोस्ट करके फिर फ्लाईट पकड़ता हूँ. आगे का हाल भारत पहुँच कर या ब्रसल्स से पोस्ट करने का मौका मिला तो वहाँ से. ब्रसल्स वाले चांसेस तो कम ही मानो मगर आश्वासन देने में क्या जाता हैं. आखिर चुनाव का माहौल चल रहा है कितने ही राज्यों में तो यह अतिश्योक्ति नहीं कहलायेगी.

74 टिप्पणियाँ:

हिमांशु ने कहा…

ऐसा लाइव यात्रा विवरण विषय वस्तु के पूरे तनाव एवं रोचकता के साथ- ऐसा स्वाभाविक ही हो जाता है आपकी लेखनी से . अच्छा लग रहा है.

डा गिरिराजशरण अग्रवाल ने कहा…

प्रिय मित्र
हिन्दी साहित्य निकेतन देश की ऐसी साहित्यिक संस्था है, जो सन्दर्भ ग्रंथों के प्रकाशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इस संस्था की और से अब तक दो खंडों में 'साहित्यकार सन्दर्भ कोश' तथा चार खंडों में 'हिन्दी शोध सन्दर्भ' प्रकाशित हुये हैं.
अब संस्था ने 'साहित्यकार सन्दर्भ कोश' का तीसरा भाग प्रकाशित करने की योजना बनाई है.
इसमें सभी साहित्यकारों के परिचय उनके चित्रों के साथ प्रकाशित किये जायेंगे.
आपसे आग्रह है कि आप अपना विस्तृत परिचय और अपना फोटो यथाशीघ्र हमारे पास भेजें. परिचय विवरण इस प्रकार रहेगा-
नाम, जन्मतिथि, जन्मस्थान, शिक्षा
वर्तमान कार्य, विधाएं, प्रकाशित साहित्य, पुरस्कार सम्मान
पता, फोन, ईमेल

डा. गिरिराज शरण अग्रवाल

संपादक : साहित्यकार सन्दर्भ कोश
16 साहित्य विहार, बिजनौर, 246701 उत्तर प्रदेश
फ़ोन : 09412712789, 09368141411
E-mail : giriraj3100@gmail.com

नारदमुनि ने कहा…

good morning, kaise ho aaj mera pahala number. aapki yatra shubh ho, aapka kam safal. aap muskurate rahen. narayan narayan

बवाल ने कहा…

अहा ! कितनी उम्दा पोस्ट लिखी है लाल साहेब क्या कहना ! टोरंटो, ब्रुसेल्स के बारे में विस्तार से जानकर बड़ा भला लगा. सबसे खुशी लगी आपके भारत और सरज़मीने जबलपूर आने की. आप की राहों में पलक पाँवड़े बिछाए बैठे हैं. पूना नहीं गए के आपसे मिलकर ही जावेंगे. जय इण्ड.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

यात्रा की शुरुआत का संस्मरण ही बड़ा मजेदार रहा ! काश हमारे यहाँ भी ऐसा हो पाता ! हम तो इसी बात से कल से फूले नही समा रहे की हमारे शहर इंदौर से कल ही पहली अंतर्राष्ट्रीय फ्लाईट जेद्दाह के लिए निकली है ! आपके संस्मरणों का इंतजार रहेगा ! अभी आप यात्रा में होंगे ! आपकी अगली पोस्ट का बेसब्री से इंतजार रहेगा ! आपकी यात्रा सुखद हो !

शोभा ने कहा…

एक पाती अपने देश से भी होनी चाहिए। ः)

कुन्नू सिंह ने कहा…

बहुत बढीया सैर करा दियें।
बेल्ट वाली सीढी भी घूमायें और पूरा टोरंटो।
नही आधा टोरंटो।

भारत मे कहां आ रहे हैं?

Abhishek ने कहा…

हरिशंकर परसाई ने लिखा था देश चल ही नही रहा मगर ये दिखा रहे हैं जैसे ये ही देश चला रहे हों. तब तो पी. सी. सरकार से बड़ी जादूगर तो अपनी सरकार ही हुई न! स्वागत हिंदुस्तान में.

प्रहार - महेंद्र मिश्रा ने कहा…

आपकी यात्रा मंगलमय हो . इस समय चुनाव का माहौल बहुत गरमागरम है . जबलपुर में २७ को मतदान है . केंट में आलोक मिश्रा/रोहानी. पूर्व अंचल सोनकर/लखन घनघोरिया . पच्छिम तरुण भनोट/बब्बू सरदार . अच्छा है आप चुनावो के मजे लेने समय पर आ रहे है . शुभकामनाओ के साथ

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

समय का सदुपयोग बहुत बढ़िया किया आपने ..:) हमारी भी सैर करवा दी साथ साथ वहां के एयरपोर्ट की ..देखते हैं इस बार आपसे मुलाकात हो पाती है या नहीं .

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

अरे !!!!!!!!!
इतना बड़ा आश्चर्य !!!!!!!!

समीर जी का चिट्ठा !!!!! और पहली टीप मेरी!!!!

गजब वर्णन किया "और एक हम हैं ........."

भारत आगमन की बधाई !!!

डॉ .अनुराग ने कहा…

सही ठेले हो समीर भाई !हमने भी इधर तम्बू बुक करा दिया है ओर कुछ देसी भी स्टोक में रख ली है .....चार पॉँच छह सात जितने भी भाई.... गम ठीक करेंगे .....आप ताडी को कस्टम वालो से बचाकर रखियेगा...फ़िर मिलते है मेले में !

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत अच्छे समीर भाई

टोरंटो का हवाई अड्डा सख्शात सामने खड़ा कर दिया
आपकी यात्रा मंगलमय हो, ब्रसेल्स की छिट्ठी का इंतज़ार रहेगा

भारत की सरजमीं पर आपका स्वागत है

दुबई का प्रसंग बने तो मेल कीजियेगा

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

धन्यवाद......अब मिलते रहेंगे,
बढ़िया है.....

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने कहा…

पन्द्रह घण्टे पुरानी पोस्ट पर एक भी टिप्पणी नहीं। लगता है सेक्योरिटी वालों ने लैप-टॉप जमा करा लिया। पता नहीं उसमें क्या-क्या भर कर ला रहे होंगे।

हाय रे! अब क्या करें। भारत पहुँचकर जब तक मॉडरेशन से गुजरकर यह टिप्पणी बाहर आएगी तबतक यह भी पन्द्रह घण्टे पुरानी हो जाएगी।

यह जब्ती कहाँ हुई है बताइएगा। ब्रसेल्स में क्या? :)D

जितेन्द़ भगत ने कहा…

चलि‍ए पल-पल की खबर मि‍लती रहेगी यात्रा वि‍वरण के बहाने।

संजय बेंगाणी ने कहा…

हालचाल मिलता रहे यही बहुत है, कृपया यहाँ वहाँ से ठेलते रहें...

कामोद Kaamod ने कहा…

बढ़िया जानकारी.

मयंक ने कहा…

अमां कभी तो और कहीं तो चैन लिया करिए .....
आप जैसों की वजह से एक आम हिन्दी ब्लॉगर का जीना हराम हुआ पडा है....
हम लोग तो कुंठा में हैं की यार इतना कभी लिख पाएंगे की नही......
सब मोह माया तज दिए हैं का ?
कि मतलब पूरा समय हिन्दी ब्लॉग्गिंग को ही दे दिए हैं ....
धन्य हैं प्रभु उड़नतश्तरी....

ससुर देखो नाम उड़नतश्तरी और बैठे हवाई जहाज का इंतज़ार कर रहे हैं !

Arvind Mishra ने कहा…

भारत की माटी पर आपके चरण पड़े -स्वागतम !

राज भाटिय़ा ने कहा…

लगता है अभी पहुचे नही, चलि़ये हम आप को शुभ यात्रा कहते है, खुशी खुशी जाओ, सब से मिलो खुब मजे से छुट्टियां मनाओ

seema gupta ने कहा…

" airport ka or aapne hvaeeyatraa ka bhut sjeev varnan, sra nazar jaise ankho ke samne ghum gya.... welcome to india sir.."

Regards

PN Subramanian ने कहा…

चलिए बातों बातों में आपने टोरोंटो हवाई अड्डे का दर्शन करा दिया. आभार.

Atmaram Sharma ने कहा…

६० साल बीत गये. अभी भी टेस्टिंग फेज़ चालू है. shee kha...

atmaram

vinit utpal ने कहा…

bharat aane par fir kahan-kahan aapkee mafil guljar hogee. delhi aane ka program ho to ittala kar den. ek mulakat ho sakegee. mera mobile no. hai. 9911364316

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

अहा!
स्वागतम्! स्वागतम! स्वागतम्!
कल की सुबह भारत में होंगे!

प्रदीप मानोरिया ने कहा…

हमेशा की तरह लाज़बाब

amit ने कहा…

हमारे देश में टेस्टिंग फेज़ चालू है? ह्म्म, कह तो सही रहे हैं, मंत्री देश कहाँ चला रहे हैं, वह तो अपने आप राम भरोसे चल रहा है!!

आपकी यात्रा सुखद और मंगलमयी हो ऐसी शुभकामना! :)

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

जी हाँ हम टेस्टिंग फेज में ही है और हर ५ साला एक्स्पिअरेंसे के शिकार होते जाते है . आपका भारत में स्वागत है

ranjan ने कहा…

स्वागत है आपका.. आपके अपने देश में.. पहुचने की खबर करना.. और दिल्ली आना हो तो जरुर बताना..

"अर्श" ने कहा…

bharat aagaman ke liye aaka bahot swagat hai....

विवेक सिंह ने कहा…

इसका मतलब तो यह हुआ कि आप हमारी यह सुटिप्पणी भारत आकर पढेंगें . पोस्ट लिखी कनाडा से टिप्पणी पढी भारत में . भई वाह . वैसे आप जैसे उदाहरण देकर चीजों को समझाते हैं आप अध्यापक होते तो बडे ब्राइट ब्राइट इस्टूडेण्ट निकालते . स्वागत है आपका अपने ही देश में .

नितिन व्यास ने कहा…

बढिया चित्रण हवाई अड्डे का।

शुभ यात्रा!!

Zakir Ali 'Rajneesh' ने कहा…

बडे दिनों के बाद बिना किसी कविता और बिना किसी फोटो के पोस्ट आई, न जाने क्यों अच्छा नहीं लगा। मेरी बात का मर्म तो समझ रहे हैं न?

Alag sa ने कहा…

आईये, स्वागत है।

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" ने कहा…

आपके आगमन की प्राथमिकी तो यहाँ दर्ज हो ही गयी है
आप कब लैण्ड करेंगे . माले के गेंदा डाक्टर गेंदा लाल विश्वकर्मा हो रहें हैं
सो हे यंत्र मानव उड़न तश्तरी जी आपकी प्रतीक्षा में

Gyan Dutt Pandey ने कहा…

कर्ता कोई और है, हम भी भ्रम पाले हैं कि गोवर्धन पर्वत हमने ही उठा रखा है! :-)
बहुत बढ़िया लिखा जी। भारत आइये। स्वागत।

Anil Pusadkar ने कहा…

स्वागतम सुस्वागतम्।स्कूल मे अतिथियों के लिये गाये जाने वाले गीत की यही पंक्तिया…………पंक्तिया क्या शब्द कहिये,याद है। अगर पूरा गीत याद पूरा गीत लिखता।वैसे हमारे प्रदेश मे भी चुनाव हो रहे हैं।

कुश एक खूबसूरत ख्याल ने कहा…

आपकी यात्रा मंगलमय हो...

pallavi trivedi ने कहा…

हिलना डुलना भी न पड़े और काम बन जाये. इससे बेहतर तो कुछ हो ही नहीं सकता

आहा...बिल्कुल हमारे मन की बात कह दी ! वैसे आप भारत आ रहे हैं....जबलपुर कब तक रहेंगे बताइयेगा!

Manoshi ने कहा…

ओह! मुझे भी भारत जाने की याद आ गई। टोरांटो पीअरसन...इंतज़ार...उसमें भी के मज़ा...सब से मिलने का इंतज़ार...साथ हमसफ़र हो तो ये इंतज़ार अच्छा लगता है...समय का पता नहीं चलता...

आपकी किताब मेल नहीं कर पाई समीर, बहाने नहीं, सच तबीयत बहुत ख़राब हो गई थी बीच में। मेरे पास सुरक्षित है, फ़ोटो कापी कर लूँगी इस बीच...आप अगर कुँवर बेचैन जी से मिलें तो एक और प्रति और ले लीजियेगा, मेरे लिये...प्लीज़

सुप्रतिम बनर्जी ने कहा…

आपकी पोस्ट पढ़ते हुए लगता है कि जैसे सबकुछ आंखों के सामने हो। एक लेखक के लिए इससे अच्छी बात और क्या होगी? आप बहुत ख़ूबसूरत शब्दचित्र खींच लेते हैं। बधाई।

संगीता पुरी ने कहा…

आइए, स्‍वागत है आपका इंडिया में।

मयंक ने कहा…

दिल्ली आकर अगर मिलने की इच्छा हो....( मतलब मेरी तो प्रबल इच्छा है ही) तो प्रभु महा चमत्कारी श्री श्री श्री उड़नतश्तरी समीर लाल जी मेरा चलित दूरभाष (Mobile Phone) संपर्क है .... 9310797184.......
और पता है
Zee News Limited,
FC-19,
Sector 16A,
Noida

विनय ने कहा…

बहुत अच्छे साहब आइए भारत, परदेस कब पंक्षी का ठिकाना है!

कविता वाचक्नवी ने कहा…

भारतयात्रा का व परिजनों से मिलने का आनंद लीजिए।

अभिषेक ओझा ने कहा…

ये लो... हवाई अड्डे पे भारतीय बन्दे में ही उलझ गए आप. अरे कन्याओं के साथ ऐसा अत्याचार मत करिए :-) अगली पोस्ट में एयर होस्टेस का जिक्र तो होना ही चाहिए. और आश्वाशन देने में आप भी माहिर हो रहे हैं धीरे-धीरे !

अजित वडनेरकर ने कहा…

स्वागत है आपका ....आइये और हमें न्योता दीजिए...

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

Au Revoir Sameer bhai, Have a Safe flight &
W E L C O M E ..
2 MOTHER INDIA !!

डा गिरिराजशरण अग्रवाल ने कहा…
यह पोस्टलेखक के द्वारा निकाल दी गई है.
मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

बस आप जल्‍दी से भारत पहुंचों आपका इंतजार के साथ स्‍वागत हे और हां ये भी बता दो कि सबसे पहले किस शहर में आ रहे हो

Manish Kumar ने कहा…

Aapki yatra mangalmay ho..

"Nira" ने कहा…

Sameer ji
bahut achi jankari di hai aapne
aapki bharat yartra safal rahe.

neeraj tripathi ने कहा…

मजा नही आया ... पोस्ट लिखने के लिए लिखी गई पोस्ट लगी ...

अगली बढ़िया पोस्ट का इन्तजार रहेगा :)

महावीर ने कहा…

बहुत सुंदर चित्रण है। हवाई अड्डे की सैर करा दी, बड़ा अच्छा लगा।

गौतम राजरिशी ने कहा…

सरजमीं-ए-हिंदुस्तान में स्वागत है आपका

अवाम ने कहा…

सर आप भारत आ रहे हैं और बताया भी नहीं. घर ही जाना है न सर की कही और. कब तक वापस लौटना है? क्या हाल चाल है. आपने टोरंटो के टर्मिनल को भारत से बहुत ही अच्छी तरह से जोड़ा है. घर जाने के लिए शुभकामनाये. और एक बात कहनी है कि मुझे अब अच्छी टिप्पणियां मिलाने लगी हैं. केवल आपकी एक भी टिप्पणी नहीं आई है. मैंने आपको बताया ही था कि दिसम्बर में मैं चेन्नई जा रहा हूँ. ब्लॉग के सम्बन्ध में एक प्रेजेंटेशन देना है.
एक बार और आपको शुभकामनाये.
शुभ यात्रा

jayaka ने कहा…

aapane yaatra samdhit jankari dete hue ek shabd-chitra prastut kiya hai!....bahut achchhi anubhooti hui!

PREETI BARTHWAL ने कहा…

समीर जी जानकर बहुत अच्छा लगा आप भारत आए हुए हैं। स्वागत है आपका अपने भारत में। आशा है आपको यात्रा में ज्यादा परेशानी नहीं हुई होगी।

Dr. Nazar Mahmood ने कहा…

बेहतरीन.
बढ़िया लिखा

Manish ने कहा…

सुना है भारत देश में ही संगम है, वहाँ स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं… तो जो पाप आप अपने नैनो से कनाडा की ट्रेनों में करते आ रहे हैं, उसे धोने के लिये यहाँ आकर एक डुबकी मार ही लीजिये, कुछ पापों का बोझ उतर जायेगा यानी हार्ड डिस्क कुछ खाली हो जायेगी तथा कुछ और पाप होना संभव हो सकेगा :)

तो नहाने का मन करता है कि आप भी शीत ॠतु में कम नहाते हैं, अगर जरा भी मन करे तो सीधे आकर यहीं डुबकी लगाइये साथ ही साधुओं द्वारा फ्री में चीलम पान का भी लुत्फ उठाइये। स्कीम मस्त है बाकी लाल हवा की मर्ज़ी …… :) :)

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

टिप्पणियों की इतनी लम्बी लाइन लगी है की हमारा नंबर आने तक तो आप वापस कनाडा आ चुके होंगे शायद.

मा पलायनम ! ने कहा…

अब तो आप वापस भी आ चुकें होंगे भाई साहेब,
कैसी रही यात्रा .अब यात्रा वृतांत तो सुना दीजिये .

सचिन मिश्रा ने कहा…

Bahut badiya.

Paveen Jakhar ने कहा…

आपको पहली बार पढ़ा. लाजवाब. अच्छा लगा. लगातार मिलते रहेंगे.
भारत आगमन पर शुभकामनायें.

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

welcome
स्वागतम्
भूल गये आप
आते ही बात करनी थी या कहीं फंस गये
--YM
09896202929
09466202099

अनुपम अग्रवाल ने कहा…

अब लीजिये ये भी हुआ पहली बार कि हिन्दी ब्लॉग में कोई पोस्ट हवाई अड्डे से लिखी गयी हो .बधाई .
वैसे पता करें हो सकता है की कई भाषाओँ में हवाई अड्डे से आज तक ना लिखी गयी हो
एक अच्छी पोस्ट टोरंटो अड्डा घुमाते हुए लिखने की भी बधाई

yaksh ने कहा…

jabalpur me aapka swagat hai.

swati ने कहा…

बेहतरीन ख्याल ,बेहतरीन शब्द,......आपकी यात्रा सुखद हो ..

kanafussi ने कहा…

Bhaut Bhadiya sir...
kaafi sajeev vivran diya torento airport ka....laga he nahi ki hum wahan phele kabhi nahi gaye ho....
India main aapka swagat hai...

नरेश सिह राठोङ झुन्झुनूँ राजस्थान ने कहा…

समीर जी,टिप्प्णीयों में पूरा हिन्दी चिठ्ठाजगत इकठ्ठा हो गया । मेरे लिये तो कही जगह ही नही बची । मै तो केवल एक ही शब्द कहूगां रोचक है

संदीप शर्मा Sandeep sharma ने कहा…

पूरे १५ मिनल का पैदल रास्ता मगर बेल्ट पर खड़े खड़े. कदम नहीं चलाने पड़े. और क्या चाहिये हमें. हिलना डुलना भी न पड़े और काम बन जाये. इससे बेहतर तो कुछ हो ही नहीं सकता.

बहुत बढ़िया...

jayaka ने कहा…

इतनी दौड-धूप के बीच समय निकाल कर आपने अपने सफर का इतना सुंदर वृतांत लिखा।....वाकई जितनी प्रशंसा की जाए, कम ही है।... आगे का वृतांत जानने के लिए हम उत्साहित है, धन्यवाद।

Dr.Bhawna ने कहा…

Bahut acha likha aapne aapki bhart yatra safal or sukhad ho....