रविवार, फ़रवरी 17, 2008

आओ कि खुशी मनायें

यह मेरी २०० वीं पोस्ट है और मैं आप सबका बहुत आभारी हूँ जो आप सबने मेरा इतना उत्साह लगातार बढ़ाया. आगे भी इसी तरह के उत्साहवर्धन का आकांक्षी हूँ. बहुत आभार.
neon1

इस मौके पर एक संदेश:


मौका है खुशी का
चलिये न!! कुछ जश्न मनाईये
एक जाम मेरे पास है
एक आप भी उठाईये.

झूमिये, नाचिये और गाईये
जरा मूड में ठूमका लगाईये
जमाना क्या क्या बोलेगा
न इस बात से शरमाईये

अब तक हमने टिपियाया है
आज आप भी टिपियाईये
न सिर्फ मेरा वरन औरों का भी
थोड़ा तो हौसला बढ़ाईये
एक जाम मेरे पास है
एक आप भी उठाईये.

दो सौ पोस्ट यूँ तो
कम नहीं होती
मगर जो मैं लिखता हूँ उसमे
कोई दम नहीं होती

अगर आप भी चाहें
तो रोज एक ऐसी पोस्ट ले आईये
कुछ हो न हो, कम से कम नेट पर
हिन्दी को फैलाईये
एक जाम मेरे पास है
एक आप भी उठाईये.

बीते हैं अभी बस
देखिये न सिर्फ दो बरस
नशा ब्लॉगिंग का ऐसा है
भूल जाओगे तुम चरस

एक बार बस एक बार
मेरा कहा मान जाईये
बिन शरमाये बिन सकुचाये
अपना ब्लॉग बनाईये
एक जाम मेरे पास है
एक आप भी उठाईये.

नोट: अपना स्वयं का हिन्दी ब्लॉग बनाने में सहायता के लिये लिखें: sameer.lal@gmail.com Indli - Hindi News, Blogs, Links

40 टिप्‍पणियां:

Sanjay ने कहा…

डबल सेंचुरी के लिए बधाई..... अब ट्रिपल सेंच्युरी की तैयारी करें.... :)

Mired Mirage ने कहा…

समीर जी बहुत बहुत बधाई ।
घुघूती बासूती

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

उस्ताद जी,
एक नहीं तीन बनाए हैं।
वही हमें
उलझाए हैं।
आप की दोहरा शतक
मुबारक हो आप को
समूचे ब्लॉगर जगत को।
शतक सभी बनाएं
आप के साथ एक
जाम पाएं।
कुछ खुद को
कुछ दुनियाँ को
बदल तो पाएं।

हर्षवर्धन ने कहा…

समीरभाई
मैंने चरस क्या दूसरा कोई ऐसा नशा तो किया नहीं है। लेकिन, इतना जरूर लगता है सचमुच ब्लॉगिंग जैसा ही नशा होता होगा। बधाई।

Gyandutt Pandey ने कहा…

चीयर्स! चीयर्स!! चीयर्स!!!
200 पोस्टों और 20000 टिप्पणियों के लिये!

mahashakti ने कहा…

बधाई हो बधाई, आपने काफी दिनों से बन्‍द रखा इस कारण यह डबल शतक काफी देर में लगा, एक दो दिन और न लिखते तो आपसे पहले हमारा दो‍हरा शतक लगता :)

yunus ने कहा…

मुबारक हो जी मुबारक हो

अनिल रघुराज ने कहा…

अगर आप भी चाहें
तो रोज एक ऐसी पोस्ट ले आइये
कुछ हो न हो, कम से कम नेट पर
हिन्दी को फैलाइये
एक जाम मेरे पास है
एक आप भी उठाइये.

समीर भाई बधाई हो। वाकई आपने नए लोगों को जिस तरह का संबल दिया है, वह उनके ही नहीं, हिंदी के आत्मविश्वास व विस्तार के लिए जरूरी था और है।

उन्मुक्त ने कहा…

'मगर जो मैं लिखता हूँ उसमे
कोई दम नहीं होती'
काश हम भी आप जैसा बेदम लिख पाते।

मैं तो आपकी २०००वीं चिट्ठी पढ़ने को उत्सुक हूं

Aflatoon ने कहा…

समीरलाल को बधाई । नशाखोरी न फैले!

विकास कुमार ने कहा…

बधाई हो. :)

swapandarshi ने कहा…

समीर जी बहुत बहुत बधाई

kewal sach ने कहा…

९९ के फेर से आप हुए बाहर
९९९ के फेर का खेल है अब
लक्ष्य जल्दी पूरा हो
इसी शुभ कामना के साथ
इच्छा है हमारी बस इतनी
तरक्की हो आपकी दिन दुगनी
रात चऔगुनी
कभी हमारे ब्लॉग पर भी आए
और तिप्पियाए

ALOK PURANIK ने कहा…

कहां महाराज कहां थे।
आपके बिना तो ब्लागिंग की दुनिया सूनी है। येसे कैसे काम चलेगाजी।
ये अच्छी बात नहीं है।

संजय बेंगाणी ने कहा…

बधाई हो जी. आप पिला रहे हो तो पी लेंगे :)

कब हो रही है दोहरे शतक की पार्टी?

काकेश ने कहा…

दोहरे शतक की बधाई.यह पोस्ट के लिये नहीं बल्कि एक पोस्ट में 200 टिप्पणीयों के लिये ऎडवांस में है.

' ने कहा…

बहुत बहुत बधाई अब तो चाय काफी की हो जाना चाहिए दादा

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia ने कहा…

बधाई और यही कहूंगा


अभी तो यह अंगडाई है


आगे और लडाई (रगडाई) है। :)

Sanjeet Tripathi ने कहा…

गुरु हो न आप तो चेले से दुगुना तो रहोगे ही जी॰॰
बधाई हो आतो ऐसे कई दो सौ पोस्ट पूरे करो बस यही कामना है हमारी।
बॉटल अगर रेडवाईन की हो तो हम लपक के आते हैं ;)

Shiv Kumar Mishra ने कहा…

समीर भाई, समीर भाई दो सौवीं पोस्ट की दो सौ बार बधाई...

जाम उठाये ही रखें. नीचे रखने की जरूरत नहीं.

डॉ. अजीत कुमार ने कहा…

समीर जी,
200वें पोस्ट के लिए मेरी भी बधाई स्वीकारें.
दो वर्षों में दो शतक!
भारत में घूमने के बाद लगता है कुछ लोगों को आप भूल गए......
धन्यवाद.

Parul ने कहा…

एक जाम मेरे पास है
एक आप भी उठाईये.
..laybadh rachna ke liye laybadh badhaayi ho SAMEER JI

Poonam ने कहा…

मुबारकाँ

mamta ने कहा…

समीर जी दोहरे शतक की बधाई !!

kanchan ने कहा…

बधाई हो

रवीन्द्र रंजन ने कहा…

दुआ है यह संख्या 2000 पहुंचे। बहुत-बहुत बधाई।

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi ने कहा…

बधाई , एक दो नहीं, पूरे दो सौ बार.

आगे के लिये शुभ कामनायें.
आपने पूरे किये दो सेकडे
फिर भी नम्र हैं जरा भी नहीं अकडे,
आप इसीलिये तो हैं उडन तश्तरी
कि बात कहते हैं ,सही व खरी खरी.

महावीर ने कहा…

मज़ा आ गया दो शतक देख कर
हमें बिन पिये ही नशा हो गया।
उड़न तश्तरी पर नज़र जो उठी
महावीर फिर से जवाँ हो गया।
डबल सेन्चुरी के लिए बहुत बहुत बधाईयां।

नितिन व्यास ने कहा…

बधाई!!

Reetesh Gupta ने कहा…

लालाजी आपको हमारी ओर से हार्दिक बधाई...बहुत ही अच्छी और सहज कविता है
मैं जो भी थोड़ा लिख पाया हूँ उसमे आपकी टिप्पणी का बड़ा योगदान है

राकेश खंडेलवाल ने कहा…

हम किसलिये बधाई दें
यह बात आप हमको बतलायें
किसने कहा आप को , जो भी लिखें
आप वह गिनतेजायें
इस अंबर में छुपे हुए हैं कितने तारे कौन गिनेगा
आप सैंकड़ों और हजारों पर ही सीमित न रह जायें.

शुभकामना

मीनाक्षी ने कहा…

बहुत बहुत बधाई ! अगले दो सालों में दो हज़ार और पोस्ट लिखें , नशा और गहरा होता जाए !!

मोहिन्दर कुमार ने कहा…

समीर जी,

दोहरे शतक के लिये बधाई...

यह जामो मीना के जश्न यूंही चलते रहे
और यूंही मुस्लसिल चलती रहे आपकी कलम

यही दुआ है हमारी सर्वशक्तिमान ईश्वर से.

रचना ने कहा…

बधाई स्वीकार करें!! और भी खूब लिखें, टिप्पणियाँ दें और लें भी!

Mala Telang ने कहा…

सबसे पहले डबल सेंचुरी बनाने के लिये आपको बहुत बहुत बधाई...... पिछले हफ्ते भास्कर में आपको पढा़ था.., आपकी लेखनी दूसरों को लिखने का प्रोत्साहन देती है.. ।

Debashish ने कहा…

Meri badhai bhi sweekar kijiye Sameer ji :)

arpit ने कहा…

BAHUT ACHAA

जोशिम ने कहा…

दो बार निन्यानवे के फेर से एक-एक ऊपर बढ़ने की बधाई [ पोस्ट रही गजरदम, चार जाम, दो चवन्नी (!!), एक चिलम, चलाईये जोर गरम [ :-)] - सादर मनीष

amit ने कहा…

मेरी भी विलंबित बधाई टिका लें समीर जी और यह बताएँ कि इस उपलब्धी पर कुछ जाम वगैरह होगा कि नहीं! :)

Dr.Bhawna ने कहा…

समीर जी बहुत-बहुत बधाई...