रविवार, अप्रैल 04, 2010

ब्लॉगर मीट- परिवारिक मीट-संगीत संध्या

कल याने ३ अप्रेल को स्वप्न मंजुषा शैल याने अदा जी का अपने पतिदेव संतोष शैल जी और बिटिया प्रज्ञा के साथ आना हुआ. मात्र ४०० किमी की दूरी तय करने में निर्धारित कार्यक्रम से बस २ घंटे देरी से (रेल्वे के हिसाब से तो राईट टाईम ही कहलाया) आप लोग आये. :)

तय था कि लंच साथ में करेंगे लेकिन इन्तजार करते जब फोन पर पता चला कि दोपहर ३.३० बजे तक आना होगा तो थोड़ा सा शरम त्यागते हुए मैने और साधना ने खाना खा लिया. सोचा था कि इनके आने पर थोड़ा थोड़ा फिर से खा लेंगे और बतायेंगे ही नहीं इ खा चुके हैं. ऐसा हो नहीं पाया और फिर तीनों मेहमानों को अकेले ही खाना पड़ा.

खाना खाकर तमाम तरह की बातचीत का सिलसिला चल पड़ा और फिर शाम ७ बजे से हमने अपने ४/५ मित्रों को सपरिवार डिनर पर इन्वाईट कर लिया था ताकि संतोष जी और अदा जी के गीत भरी शाम का लुत्फ हमारे मित्र भी उठा लें.

देखते देखते शाम भी हो गई. बेसमेंट हॉल में ही महफिल जमी और यह महफिल एक यादगार शाम में तब्दील हो गई. एक से एक बेहतरीन गाने संतोष जी और अदा जी ने गाये.

हमने मौका तड़ कर अदा जी को याद दिलाया कि वो कवयित्री भी है तो कुछ कवितायें सुनायें. इच्छा यह थी कि रिस्पॉन्स में वो भी कहेंगी कि आप भी सुनाईये और ऐसा ही हुआ. :) मौके की नजाकत और आतिफ असलम से रीसेन्टली मिली प्रेरणा के मद्देनजर हमने अपना गीत गाकर सुनाया और वो भी एक नहीं, दो दो!! फिर हमारी लिखी गज़ल का साधना जी ने गायन किया. आपको ज्यादा अंदाजा लगाने की जरुरत नहीं, यह सब उपस्थित लोगों द्वारा काफी सराहा गया. अदा जी की कवितायें (भी) श्रोताओं नें बहुत पसंद की.

महफिल रात २ बजे जाकर डिनर के साथ समाप्त हुई. सुबह उठकर संतोष जी, अदा जी और बिटिया प्रज्ञा नाश्ता करके ऑटवा निकल गये. लगा ही नहीं कि पहली बार मिले हैं. अब तो फोन भी आ गया कि टोरंटो का बाजार घूमने के बाद वे ऑटवा अपने घर पहुँच चुके हैं.

एकाएक बने कार्यक्रम से उपजी यह मुलाकात और यादगार गीतों भरी शाम वाकई आनन्ददायी रही. विडियों जल्द ही पेश करते हैं अभी दो चार फोटो देखकर काम चलायें.

साधना एवं अदा जी
adsadh
रिहर्सल
adsantosh
घर के सामने
group
मित्रगण
mitra
कार्यक्रम शुरु होने के पहले: माईक टेस्टिंग!!
rehars
समीर, संतोष जी और अदा जी
samsantadaji
Indli - Hindi News, Blogs, Links

79 टिप्‍पणियां:

गिरिजेश राव, Girijesh Rao ने कहा…

हम संतोष जी के फैन हैं। वो अंग्रेजी गाना किसी रेस्ट्रॉ के टेबल पर प्रेमिका के लिए मुझे बहुत पसन्द है। उन्हें बता दीजिएगा। अदा जी तो बताने से रहीं। वैसे अदा जी भी ठीक ठाक गा लेती हैं ;) आप की आवाज़ नहीं सुनी।
क्या आप मुझे mp3 भेज सकते हैं। कॉपीराइट का सम्मान किया जाएगा :)

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

एकाएक बने कार्यक्रम से उपजी यह मुलाकात और यादगार गीतों भरी शाम वाकई आनन्ददायी रही...
वाकई यह अविस्मरनीय अवसर था,चित्रों से आनंद कम आया, वीडियो की प्रतीक्षा है...

M VERMA ने कहा…

'इच्छा यह थी कि रिस्पॉन्स में वो भी कहेंगी कि आप भी सुनाईये और ऐसा ही हुआ'
कई बार ऐसा रिस्क मैने भी लिया पर मैं आप जैसा सौभाग्यशाली नही ठहरा. लोग सुनाकर चले गये.
रोचक प्रस्तुति --

Ashok Pandey ने कहा…

ब्‍लॉगर मीट-संगीत संध्‍या के इन क्षणों को साझा करने के लिए आभार। अच्‍छी प्रस्‍तुति।

Arvind Mishra ने कहा…

अदा जी की कवितायें भी श्रोताओं नें बहुत पसंद की.
वाक्य में से "भी" हटाईये
कवियित्री नहीं कवयित्री
खुद को सुनाने बेशर्मी की भी आखिर कीमत होती है
दूसरे से फ़र्मायिश करना ,आप सचमुच भाग्यशाली हैं नहीं तो वर्मा जी
ठीकै कह रहे हैं लोग अपनी ही सुनाते चले जाते हैं .
अच्चा आकिया आपने साधना जी को भी टीम में ले लिया था .

36solutions ने कहा…

परिवारिक मीट-संगीत संध्या के लिए बधाई हो. वीडियो का इंतजार रहेगा.

Unknown ने कहा…

वाह!! बहुत मजेदार रही आप लोंगो की मुलाकात .....चित्र तो देख लिया विडियो का इंतज़ार है .

विवेक रस्तोगी ने कहा…

वाह समीर जी मजा आ गया, अदा जी और संतोषजी के साथ गीत संध्या, और फ़िर रात २ बजे तक चली लंबी शाम कितने ही गाने और कविताएँ प्रस्तुत की गई होंगी, हम तो बस सोच कर ही आनंदित हो रहे हैं। वीडियो का इंतजार है।

राजीव तनेजा ने कहा…

बहुत बढ़िया...वीडियोज का इंतज़ार रहेगा

Khushdeep Sehgal ने कहा…

हाय हम न हुए...काश किसी खिड़की से ही ये अलौकिक नज़ारा देखने को मिल जाता...

संतोष जी, अदा जी, साधना जी का गायन...

समीर जी का कविता पाठ...

बीच बीच में समीर जी की गुदगुदाती फुलझ़ड़ियां...वैसे इस मामले में अदा जी भी कम नहीं है...

समीर जी, आपने एक बात सच कही...खाना सामने हो और सब्र...हूं...हूं...हूं...

जय हिंद...

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

वाह! ये शाम तो कमाल की होगी।
गीत कविताओं से सुसज्जित्।
भैया हम तो शाम होते ही लगा लेते हैं
"एक तरफ़ उसका घर"---"पैमाने टुट गए"।
दो गजलों से ही काम चल जाता है:)
हा हा हा
उपस्थित सभी को हमारा प्रणाम्।

वीडियो का इंतजार रहेगा

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आनन्द ही आनन्द । ऐसी शामें बरसती रहें जिन्दगी के आँगन में ।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

देश में ही नही विदेश में भी ब्लॉगर्स सम्मेलन की धूम मची है..हिन्दी के उत्थान में एक महत्पूर्ण कार्य जो हम सब ब्लॉगर्स कर रहे है...और इसका सबसे ज़्यादा श्रेय आपको जाता है जिन्होने निरंतर हम सब नये ब्लॉगर्स का उत्साह भी जोरदार ढंग से बढ़ते रहे...बढ़िया प्रस्तुति ...आभार

अजित गुप्ता का कोना ने कहा…

समीर जी, आपने तो शीघ्रता से प्रेरणा का प्रतिफल प्रस्‍तुत कर दिया। यदि अदाजी नहीं कहती तो? चलिए जल्‍दी से हम सबको भी गाना सुना ही दीजिए। लग रहा है कि ब्‍लोगिंग की मित्रता रंग लाने लगी है। अच्‍छे कार्यक्रम के लिए आपको बधाई। फोटो में दो दाढ़ियों का मेल भी ठीक ही लग रहा है।

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

वाह! क्या बात है!
बहुत अच्छी तश्वीरें हैं।

पूनम श्रीवास्तव ने कहा…

bahut hi badhiya lagi aapas me aap sabhi ki mulakat chitro ko dekh kar hi abhi kam , vidio ka intajar hai.

seema gupta ने कहा…

ब्‍लॉगर मीट-संगीत संध्‍या का सुन्दर चित्रण आभार
regards

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

इस ब्लागर्स मीट के लिये बधाई. लगता है विडियो मे कुछ राज की बात निकल कर आयेगी. हम तो बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. आपने इस मीट कि रिपोर्टिंग का कंट्रेक्ट किसी दूसरे को क्यों नही दिया? खुद ही कष्ट कर रहे हैं.:)

रामराम.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बस विडियो का बेसब्री से इंतजार है. जरा जल्दी ही लगायें.

रामराम.

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

बढ़िया और मजेदार प्रस्तुति समीर जी
, ढेर सारी शुभकामनाओं सहित !

रश्मि प्रभा... ने कहा…

geet to daala hi nahi, aadhe bhag se dil to bharaa nahi

संजय भास्‍कर ने कहा…

ब्‍लॉगर मीट-संगीत संध्‍या के इन क्षणों को साझा करने के लिए आभार। अच्‍छी प्रस्‍तुति।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

समीर जी , पहले हमने टाइटल --पारिवारिक मीट पढ़ा । फिर फोटोज देखे । लगा शायद आपके भाई साहब हैं । बाद में जब लेख पढ़ा तो पता चला की ये तो अदा जी और संतोष जी हैं । माशाल्लाह , क्या समानता है आप दोनों में ।

खैर बहुत बढ़िया रही ये महफ़िल। उम्मीद करते हैं , महफ़िलों के दौर यूँ ही चलते रहें।

वीडियो का इंतज़ार रहेगा।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

माहौल बड़ा अच्छा लग रहा है..

Parul kanani ने कहा…

video ka intazaar hai :)

Dr. Shashi Singhal ने कहा…

देश में ही नहीं विदेश में भी हिन्दी ब्लॉगर्स एकजुट हो आपस में मिल बैठकर बडा ही सुन्दर इतिहास रच रहे हैं । ब्लॉगर्स मीट की सुनते ही दिल प्रसन्न हो जाता है । देखो कहां - कहां एकदूसरे से कोसों दूर होते हुए भी हम हिन्दी ब्लॉगर्स आपस में एकजुट हैं । बडे गर्व की बात है कि ब्लॉगर्स तमाम व्यस्तताओं के बावजूद अपने ब्लॉगर्स मित्रों क्के साथ मिल बैठने का मौका नहीं चूकते । नई - नई मुलाकात पलभर में बरसों पुरानी मुलाकात का एहसास करा देती है इसका मुझे खूब इल्म है ।
सभी तस्वीरें बहुत सुन्दर हैं । वीडियो का इंतजार रहेगा ।

Dikshit Ajay K ने कहा…

महोदय,

पिछले कई दशक से हमारे समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर का दर्जा देने के सम्बन्ध में एक निर्थक सी बहस चल रही है. जिसे कभी महिला वर्ष मना कर तो कभी विभिन्न संगठनो द्वारा नारी मुक्ति मंच बनाकर पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाता रहा है. समय समय पर बिभिन्न राजनैतिक, सामाजिक और यहाँ तक की धार्मिक संगठन भी अपने विवादास्पद बयानों के द्वारा खुद को लाइम लाएट में बनाए रखने के लोभ से कुछ को नहीं बचा पाते. पर इस आन्दोलन के खोखलेपन से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है शायद तभी यह हर साल किसी न किसी विवादास्पद बयान के बाद कुछ दिन के लिए ये मुद्दा गरमा जाता है. और फिर एक आध हफ्ते सुर्खिओं से रह कर अपनी शीत निद्रा ने चला जाता है. हद तो तब हुई जब स्वतंत्र भारत की सब से कमज़ोर सरकार ने बहुत ही पिलपिले ढंग से सदां में महिला विधेयक पेश करने की तथा कथित मर्दानगी दिखाई. नतीजा फिर वही १५ दिन तक तो भूनते हुए मक्का के दानो की तरह सभी राजनैतिक दल खूब उछले पर अब १५ दिन से इस वारे ने कोई भी वयान बाजी सामने नहीं आयी.

क्या यह अपने आप में यह सन्नाटा इस मुद्दे के खोख्लेपर का परिचायक नहीं है?

मैंने भी इस संभंध में काफी विचार किया पर एक दुसरे की टांग खींचते पक्ष और विपक्ष ने मुझे अपने ध्यान को एक स्थान पर केन्द्रित नहीं करने दिया. अतः मैंने अपने समाज में इस मुद्दे को ले कर एक छोटा सा सर्वेक्षण किया जिस में विभिन्न आर्थिक, समाजिक, राजनैतिक, शैक्षिक और धार्मिक वर्ग के लोगो को शामिल करने का पुरी इमानदारी से प्रयास किया जिस में बहुत की चोकाने वाले तथ्य सामने आये. २-४०० लोगों से बातचीत पर आधारित यह तथ्य सम्पूर्ण समाज का पतिनिधित्व नहीं करसकते फिर भी सोचने के लिए एक नई दिशा तो दे ही सकते हैं. यही सोच कर में अपने संकलित तथ्य आप की अदालत में रखने की अनुमती चाहता हूँ. और आशा करता हूँ की आप सम्बंधित विषय पर अपनी बहुमूल्य राय दे कर मुझे और समाज को सोचने के लिए नई दिशा देने में अपना योगदान देंगे.

http://dixitajayk.blogspot.com/search?updated-min=2010-01-01T00%3A00%3A00-08%3A00&updated-max=2011-01-01T00%3A00%3A00-08%3A00&max-results=6
Regards

Dikshit Ajay K

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

रिपोर्ट सेन्सर्ड है :) मीट और डिनर के बीच

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आनद आ गया समीर भाई .. आज तो भाभी भी ग़ज़ब ढा रही हैं ...
हमारी राम राम कहिएगा ...

abhi ने कहा…

बहुत अच्छा लगा आप लोगों के तस्वीर देख कर..एक साथ आप सबने खूब अच्छा वक़्त बिताया..ब्लागर्स मीट बहुत अच्छी रही होगी ..आप सभी को हमारा प्रणाम :-)

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगी, आप की यह शाम सोच कर ही मजा आता है, क्योकि अकसर ऎसे प्रोगराम हमारे यहां भी बहुत होते थे, अब कम हो गये है.सभी चित्र भी बहुत सुंदर लगे.
धन्यवाद

बेनामी ने कहा…

अदा जी और संतोष जी के साथ गीत संध्या वाली रात 2 बजे तक चली इस पारिवारिक/ ब्लागर्स मीट के लिये बधाई

कुछ और विवरण व वीडियो का रहेगा इंतज़ार

बी एस पाबला

rashmi ravija ने कहा…

वाह...उस शाम के तो क्या कहने....बहुत एन्जॉय किया होगा आप सबने....गीत-संगीत-और कविता पाठ....क्या बात है... बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं

Shiv ने कहा…

बहुत बढ़िया लगा इस मुलाकात के बारे में जानकर. एक ही पोस्ट में बहुत कुछ मिला.

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

रोचक रही होगी ये संध्या....इसमें कोई शक नहीं...कार्यक्रम के लिए सबको बधाई....आगे इंतज़ार है गीत ग़ज़ल सुनने का

Pt. D.K. Sharma "Vatsa" ने कहा…

पहले आपकी ये पोस्ट पढी, फिर अदा जी के चिट्ठे पर जाकर देखकर आए कि कहीं उन्होने "बैड टी" न मिलने जैसी कोई शिकायती पोस्ट तो नहीं लिखी... तसल्ली होने पर ही अब ब्लागर मीट की बधाई देने आए हैं :-)

नीरज गोस्वामी ने कहा…

आपका घर और मेहमानों के फोटो देख बहुत आनंदित हुए....आगे के कार्यक्रम की गतिविधियों को जानने का बेताबी से इंतज़ार है...सोच रहे हैं काश हम भी कभी आपसे ऐसे ही मिलने वाले थे लेकिन...हत भाग्य हम पूरे अमेरिका में घुमते रहे यहां तक की डेटरायट से कार द्वारा टोरेन्टो जाने का प्रोग्राम भी बना लिया था लेकिन होनी को कौन ताल सका है...अगली बार पूरी कोशिश करेंगे , आपको अपने फटे गले से औड़म-बौड़म ग़ज़लें सुनाने की, ताकि सपने में भी कभी आप हमारे बारे में सोचें तो पसीने पसीने होते हुए डर के मारे उठ बैठें...
हनुमान चालीसा का पाठ अभी से शुरू कीजिये..."भूत पिशाच निकट नहीं आयें..." हमारा कोई पता नहीं कब आ जाएँ...:))
नीरज

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

बहुत खूब .....!!

आज आपके स्वर्ग घर के भी दर्शन कर लिए समीर जी .....आपने तो न जाने कितने ब्लोगरों से मिल लिया होगा ......अदा जी और आप सब की आवाज़ की प्रतीक्षा है .....!!

Abhishek Ojha ने कहा…

अरे वाह ! आपसी वार्तालाप का वीडियो भी है क्या?

Anita kumar ने कहा…

बहुत बढ़िया। अब हम समझे कि बम्बई के ब्लोगर मिलन में आप इतने उंधियाये से क्युं बैठे थे?
आप चारों के गीतों और कविताओं को सुनने का इंतजार है।

मनोज कुमार ने कहा…

ओह! इतने शानदार और मज़ेदार और यादगार क्षणों को हमसे शेयर करने का शुक्रिया!

संजय @ मो सम कौन... ने कहा…

समीर साहब, आशा है महारथियों के इस मुकाबले में होम ग्राऊंड का, होम क्राऊड का बेजा फ़ायदा आपने नहीं उठाया होगा :)
वीडियो का इंतजार रहेगा।

dhiru singh { धीरेन्द्र वीर सिंह } ने कहा…

यह तो कमाल है .

अजय कुमार झा ने कहा…

ई में कौन बडी बात है जी ...जब मीट मसाला ही इतना जोरदार डला होगा तो मीट तो गजब का स्वादिष्ट बनबे करेगा । जाईये आप कभियो नहीं दुबलाईयेगा ..कभियो नहीं एतना टेस्टी मीट का स्वाद लेते रहें तो ...। और हां वीडियों शीडियो भी डालिए तनिक जल्दी से ..ई करेजा धीरे धीरे ही जराने में मजा आता है आपको
अजय कुमार झा

कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा…

पढकर और देखकर आनंद की अनुभूति मुझे भी हो रही है...काश मैं भी वहाँ होता...

Prem Farukhabadi ने कहा…

परिवारिक मीट-संगीत संध्या के लिए बधाई हो.

प्रिया ने कहा…

is get-together ke photograph to kaafi achchey hai ...rachnaayenahi pesh ki aapne

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत बढिया विवरण .. वीडियो की प्रतीक्षा है !!

वीनस केसरी ने कहा…

काश इलाहाबाद में भी बिना किसी बवाल के इस तरह के कार्क्रम किया जा सकता

यहाँ तो छटी सी ब्लॉगर मीट हुई और १० दिल बवाल हुआ
हा हा हा

ब्लॉगर मीट, परिवारिक मीट व संगीत संध्या सब बढ़िया एकदम चकाचक

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

जे होता है प्रोफेसनल मैनेजमेंट
ट्रेलर देख के जनता झूमी जा रही ही

kavi surendra dube ने कहा…

ब्लोगर्स मीट की जानकारी के लिए साधुवाद

kavi surendra dube ने कहा…

ब्लोगर्स मीट की जानकारी के लिए साधुवाद

दिलीप कवठेकर ने कहा…

बहुत ही बढियां.

अदा जी एक बेहद अच्छी ,लोचदार, मासोम्म आवाज़ की मालिक हैं. उनके गानें तो खूब जमें होंगे. मगर शैल साहब भी गाते हैं क्या? क्या बेहतरीन मेल है!!

Rohit Singh ने कहा…

वाह दो बड़े औऱ संवेदनशील ब्लॉगरो का मिलह क्या बात है....बाकी सर आपका घर वाह क्या बात है ....

hasyakavi albelakhatri ने कहा…

khoob jamaai mehfil........

aanand aa gaya hoga

are jab hamen padh kar aa gaya toh aapko kyon nahin aaya hoga......

badhaai !

वाणी गीत ने कहा…

सुर और साज की इस महफ़िल पर तो हम अदाजी की पोस्ट पर ही इतना लिख आये ..अब क्या लिखें ...
उनकी रिपोर्टिंग के आगे यहाँ कुछ फीका लग रहा है ...खाने-पीने की बात जो नहीं है ...
विडियो का इन्तजार रहेगा ...

Unknown ने कहा…

सितारों भरी शाम का लुत्फ लिया आपने, हमने तो बस....पढ़कर ही आनंद लिया। आनंदित हो हर शाम, वो शाम हो हर साथी के नाम।

समीर जी की मेहमाननिवाजी, अदा जी का पतिदेव शैल के साथ आते हुए लेट आना, देर रात तक गाना, अदा जी का गायिका के साथ कवित्री भी हूँ याद दिलाना। अच्छा लगा। जब मिल बैठेंगे ऐसे भी आप फिर किसी दिन। मजा आएगा। भले ही महफिलें जमती हों हमारे बिन।

सुशीला पुरी ने कहा…

परमानंद !!!!!!!!!

drsatyajitsahu.blogspot.in ने कहा…

THATS THE GREAT FAMILY AND CREATIVE ENJOYMENT.
THIS HAS BEEN THE HALMARK OF OUR TRADITION.
GOOD TO SEE THE PHOTO.

KK Yadav ने कहा…

ऐसे खूबसूरत दिन हमेशा याद रहते हैं...हम सभी के साथ शेयर करने के लिए आभार.

ghughutibasuti ने कहा…

वाह, वाह! बहुत बढ़िया कार्यक्रम रहा होगा। आपने तो विदेश को भी स्वदेश के रंगों में रंग दिया।
घुघूती बासूती

परमजीत सिहँ बाली ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति।वीडियो की प्रतीक्षा रहेगी। जीवन की छोटे छोटे इसी तरह के सुखद पल जीवन को महकाते रहते हैं।

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

एक सुखद अनुभव रहा होगा ये… अच्छा लगता है जब तस्वीरों से निकल कर कोई सामने आ जाये...

मनोज भारती ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति ... इस यादगार मुलाकात को हमारे साथ बाँटने के लिए ।

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

बहुत बढिया रहा होगा कार्यक्रम. खूब आनन्द उठाया हमने भी, आपकी पोस्ट के ज़रिये.

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

shukriya is yaadgaar mulakat ko hamare beech baantne k liye.

Madhu chaurasia, journalist ने कहा…

सर
वाकई आपने विदेश में भी हिन्दी की लौ को कायम रखा है..आपका ब्लॉग पढ़कर अच्छा लगा

Smart Indian ने कहा…

सूना है कि मुखारविंद से निकले गीतों के mp३ भेजे जा रहे हैं - कॉपीराईट (लेफ्ट बिलकुल नहीं) के रक्षकों की सूची में हमें भी गिन लीजिएगा ज़रा.

alka mishra ने कहा…

जल्दी भारत आइये ,हम यहाँ आपको गाते हुए सुनेंगे और आपको देखेंगे फिर कुछ पूछेंगे....

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

हमने अपना गीत गाकर सुनाया और वो भी एक नहीं, दो दो...अब तो हम भी सुनेंगें.

_________________________
पाखी की दुनिया में देखें-"पाखी की हैवलॉक द्वीप यात्रा" और हाँ आपके कमेंट के बिना तो मेरी यात्रा अधूरी ही कही जाएगी !!

राजीव थेपड़ा ( भूतनाथ ) ने कहा…

are waah..waah..waah....waah....

manu ने कहा…

सोचा था कि इनके आने पर थोड़ा थोड़ा फिर से खा लेंगे और बतायेंगे ही नहीं इ खा चुके हैं......


हम तो हमेशा ही ऐसा करते हैं......
:)
पर आखिर आप दोबारा काहे नहीं खा सके....? हमें तो चाहे हर दो घंटे बाद नए नए मेहमान के साथ खिला लीजिये....

:)

दूसरी बात ये के ये खबर आपके ब्लॉग के बजाय अदा जी के ब्लॉग पर पढने में ज्यादा जायकेदार थी....

राजमा चावल..मुर्गी..पत्ता गोभी...फूल गोभी जाने क्या क्या था....

यम यम....
और आपने कुछ भी नहीं लिखा....

:(
:(

manu ने कहा…

अब एक कमेन्ट...सीरियसली...
वेरी सीरियसली....


आपका चिकन...
सॉरी..किचन-प्रेम जाना...
जानकर ना केवल बहुत अच्छा लगा...अपितु आप और भी विशिष्ट हो गए हमारे लिए......

यदि पुरुष रसोई में खाना पकाए तो इस बात से हम बहुत प्रभावित होते हैं...

अंजना ने कहा…

परिवारिक मीट-संगीत संध्या के लिए बधाई हो. वीडियो का इंतजार रहेगा.

Manish Kumar ने कहा…

संगीत संध्या पर कोई रिकार्डिंग शेयर नहीं की आपने। बहरहाल अच्छा लगा मुलाकात का ये विवरण पढ़ कर।

बवाल ने कहा…

चित्रों से इस सुन्दर महफ़िल का अंदाज़ लग रहा है महाराज। क्या कहना! बहुत मज़ा आ गया।

pallavi trivedi ने कहा…

महफ़िल का एक वीडियो डाल दिए होते तो हम सुन भी लेते.....कविता , गाना और इसके बाद लजीज खाना! वाह वाह.....

रंजना ने कहा…

वाह...नयन तो तृप्त कर दिया आपने...अब जल्दी से कानों को भी तृप्त कर दीजिये....
आपलोगों के आनंद का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है...

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत अच्छा लगा आप लोगों के तस्वीर देख कर..एक साथ आप सबने खूब अच्छा वक़्त बिताया..