सोमवार, जुलाई 05, 2010

आज एक खास दिन!

आज मेरी माँ का जन्म दिन है. ५ साल पहले २८ जनवरी, २००५ को वो मुझसे दूर चली गई लेकिन एक वो दिन था और एक आज का, तब से रोज रात में वो मेरे सपने में मेरे पास आती है और मुझे लगता ही नहीं कि वो मुझसे दूर चली गई है.

एक खास बात, मेरी नानी का जन्म दिन भी ६ जुलाई, मेरी माँ का भी और मेरी भतीजी का भी याने मेरी भतीजी के लिए उसकी परदादी, दादी और उसका जन्म दिन एक ही दिन!!

आज इस मौके पर माँ की बहुत याद आ रही है.

 

जब भी मैं

पीछे मुड़कर सोचता हूँ..

अपना बचपन

अपना मकान

वो गलियाँ

वो मोहल्ला

अपना शहर

अपना देश..

या

फिर

खुद अपने आप को..

हर बार मुझे

माँ

याद आती है!!

-समीर लाल ’समीर’

 

जन्म दिन मुबारक, मम्मी!! आज जब रात में सपने में आओगी तब केक काटेंगे, पक्का!! आओगी न!!

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108 टिप्‍पणियां:

Sarita ने कहा…

माता जी,
आशा है परमपिता की छांव में आप शांति के साथ होंगी,
जन्मदिन पर मेरा भी नमन स्वीकार करें।
http://gharkibaaten.blogspot.com

PAWAN VIJAY ने कहा…

The dearest one mother.

अजित गुप्ता का कोना ने कहा…

एक मां के लिए सबसे अधिक संतोषप्रद यही होता है कि उसका बेटा उसे याद करता रहे। जिस दिन आप जैसे बेटे प्रत्‍येक मां को मिल जाएंगे उस दिन इस दुनिया की तस्‍वीर बदल जाएंगी। मेरा भी पुण्‍य स्‍मरण।

उन्मुक्त ने कहा…

मांं तो हमेशा जहन में रहती है। उसे भूल पाना संभव नहीं।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

माँ के जन्मदिन की आपको बधाई..और माँ को नमन.
माँ कभी भी दूर नहीं जातीं...आपकी यादों में बसी हुई हैं...

ghughutibasuti ने कहा…

जब तक आप उन्हें याद करते हैं वे आपके साथ ही हैं। उनके जन्मदिन की बधाई।
घुघूती बासूती

Shikha Deepak ने कहा…

माँ.........उसका एहसास भी ख़ास है, अपनी माँ के जन्मदिन पर उनकी यादों से इसे और खास बनाये.........सच है हम चाहे उम्र के किसी भो मोड़ पर हों माँ का ख्याल भी हमें फिर से हमें अपने बचपन में उनके आँचल के साए तले लिए जाता है जहाँ हम अपनी माँ के लाडले दुलारे बने फिरते थे।

इस्मत ज़ैदी ने कहा…

समीर जी ,
आप की इस भावनात्मक स्थिति में हम सब आप के साथ हैं

प्रवीण ने कहा…

.
.
.
अच्छी लगी माँ को समर्पित यह पोस्ट...

हाँ, माँ को सपने में आने की जरूरत ही क्या है...गई कहाँ हैं वो...आपकी हर साँस में, हर धड़कन में, दिल में दिमाग में हर पल बसती हैं वे!

उनको नमन!


...

Unknown ने कहा…

thumari maa ka ashirwad to sada hum sabhi ke sath hai.aaj hum bhi cake khayence.
dher sara pyar
chacha

Barthwal ने कहा…

समीर जी मां के आंचल मे ब्रह्मांड छिपा होता है(मां के लिये मेरे हर जगह यही शब्द निकलते है)
आपकी माता जी को श्रधा सुमन और भतिजी को शुभकामनाये।

Barthwal ने कहा…

समीर जी मां के आंचल मे ब्रह्मांड छिपा होता है(मां के लिये मेरे हर जगह यही शब्द निकलते है)
आपकी माता जी को श्रधा सुमन और भतिजी को शुभकामनाये।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

माँ को नमन !
आपको आभार !

Unknown ने कहा…

बेटा बुलाए और मां न आए

ऐसा होता है कभी ?

sandhyagupta ने कहा…

Maa ka sthan jeevan me koi nahinn le sakta.Unka aashish sada aapke sath rahega.

Dev K Jha ने कहा…

आंख की कोर गीली हो गयी दद्दा। अम्मा को जन्म दिन मुबारक हो।

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

"या फिर खुद अपने आप को.. हर बार मुझे माँ याद आती है!! "
maa hoti hi aisee hain! maa ji ko pranam! sunder bhav !

kshama ने कहा…

Sach! Ye kaise anokhe bandhan hote hain! Mere dada ko guzre 14 saal hue aur dadiko guzre 12 saal..lekin roz sapnon me aate hain,aur mai kah uthti hun,oh! ye log to abhi zinda hain...unka nidhan to sapne me hua tha!

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

बस इतना ही कि :

जब भी कश्ती मेरी तूफान में आ जाती है!
माँ दुआ करती हुई ख्याब में आ जाती है!!
(बकौल मुन्नवर राना साहब)

वाणी गीत ने कहा…

नानी , माँ और भतीजी तीनों का जन्मे एक ही तारीख को होना सुखद आश्चर्य ...लगता है माँ भवानी की आप पर असीम कृपा है ...
सपनो में माँ के साथ केक बंटता रहे ...माँ को नमन ...जो इस तरह आपके साथ हैं उने श्रद्धांजलि तो नहीं दी जा सकती ...

Unknown ने कहा…

आप की माताजी को मेरे कोटी कोटी प्रणाम!... मेरी अपनी माताजी की मुझे याद आ रही है!... मां तो मां ही होती है...मां की जगह कोई भी नहीं ले सकता!

Satish Saxena ने कहा…

आओगी न माँ ?
काश माँ आज आपसे मिलने जरूर आयें समीर भाई शुभकामनायें !

Rangnath Singh ने कहा…

कल मैंने मां से जुड़ी एक पोस्ट लिखी थी। आज आपने जन्मदिन के बहाने मां को याद किया। मां को न भूल पाना एक केमिकल लोचा है...ऐसा लगने लगा है ।

Khushdeep Sehgal ने कहा…

ये तो सच है कि भगवान है,
है मगर फिर भी अनजान है,
धरती पे रूप मां बाप का, उस विधाता की पहचान है...

जन्मदाता है जो, नाम जिनसे मिला,
थामकर जिनकी उंगली है बचपन चला,
कंधे पर बैठ के जिनके देखा जहां,
है उपकार इतने क्या कहे, ये बताना न आसान है,
धरती पे रूप मां बाप का, उस विधाता की पहचान है...

(केक काटते वक्त मांजी का आशीर्वाद लेने के लिए मैं भी हूंगा आपके साथ)

जय हिंद...

प्रवीण त्रिवेदी ने कहा…

ओह!
हैप्पी बड्डे मम्मी !

और अब हमारा हिस्सा?



(......हर बार मुझे माँ याद आती है!! )

शारदा अरोरा ने कहा…

क्या कहें आपको ...न बचपन भुलाया जाता है न यादों से माँ का अहसास बिसराया जाता है ...वो सदायें तो चलतीं हैं उम्र भर ...छाया उसी की फ़ैली है ...वही तो मुस्कराती है , हर लम्हा अपने बच्चों के संग संग ...

G M Rajesh ने कहा…

thanks to remind them
bhagwaan ne ghar me yaad banaa ke bhatiji bheji unka bhi shukriyaa

mridula pradhan ने कहा…

aaj ka din atyant bhavuk hai.

shikha varshney ने कहा…

मम्मी चाहे कहीं भी हो हमेशा हमारे पास होती हैं हर मौके पर ..

राजेश उत्‍साही ने कहा…

समीर भाई इतने सारे जन्‍मदिन एक ही दिन। बधाई। केवल केक से काम नहीं चलेगा गुलगुले भी बनवाईए। आपतो जानते ही होगें न।

mridula pradhan ने कहा…

bahut bhavuk hai ye khas din.man ko chunewali.

गौतम राजऋषि ने कहा…

क्या कहूँ, ....

पुत्र के इस विकल स्नेह पर वो ऊपर मुस्कुरा रही होंगी।

भतीजी के जन्म-दिन वाला संयोग अद्‍भुत है।

उम्मतें ने कहा…

कौन कहता है कि मां दूर चली जाती है ?
हमारी ओर से भी जन्म दिन की शुभकामनाएं !

Parul kanani ने कहा…

sir aapko is vishesh divas par meri shubhkamnayen aur jagat janani ko shat shat naman....aur aapki panktiyaan jeevan darshan hai!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

माँ को दिल से मैंने भी याद किया......और आपकी भावनाओं का सम्मान किया है

दिगंबर नासवा ने कहा…

समीर भाई ... माताजी , नानिजी और आपकी भतीजी का जनम दिन बहुत बौट मुबारक .... माँ कि यादें हमेशा ताज़गी देती हैं ...

jai ने कहा…

ma to maa hoti hai

डॉ टी एस दराल ने कहा…

मां तो ऐसी ही होती है । यह उन्ही का आशीर्वाद है , जो आप इतना अच्छा लिखते हैं समीर जी ।

Kunwar ने कहा…

"I am what my mother made me "--ShivaJi
"All that I am or hope to be ,I owe to my angel mother "-Lincoln
A flash back revived the memory of how my mother helped & guided me & my other brothers ,sisters to
rise.Thenext generation ,including U,can well say next to GOD there is no other.
Kunwar

डॉ टी एस दराल ने कहा…

भयंकर गड़बड़ है समीर जी । कुछ कीजिये ।
आज सब ब्लोग्स पर टिप्पणियां जीरो क्यों दिख रही हैं । सब पर मोडरेशन भी दिख रहा है । अज़ब गज़ब मामला है ।

Archana Chaoji ने कहा…

माँ-----
कब याद नहीं आती ?.....
हर पल,हर दिन .....
मेरे साथ रहती है .....
मुझसे बातें करती है ....
मुझे छोड कर कहीं नहीं जाती है .....
आज भी आयेगी .....और
मेरे साथ केक खाएगी................

Laxmi ने कहा…

मार्मिक पोस्ट है। माँ के प्यार से हमारा व्यक्तित्व बनता है।

Udan Tashtari ने कहा…

आज ब्लॉगर में जाने क्या समस्या है, कमेंट अप्रूव नहीं हो रहे हैं. शायद जल्द कुछ समाधान हो.

Satish Saxena ने कहा…

क्या हो गया समीर भाई ! यह कमेंट्स कहाँ गायब हो जाते हैं ! आपके साईट पर भी ,मेरी तरह ,सुबह ६ बजे के बाद, एक भी कमेन्ट न पाकर दिल कुछ हल्का हुआ ;-)

( मेरे ब्लाग पर पिछले कई घंटे से आये सारे कमेन्ट गूगल खा गया ). एक शेर नज़र है

दिल खुश हुआ मस्जिद ए वीरान देख कर
मेरी तरह खुदा का भी खाना खराब है !

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

sameer ji,
aapki udantashtari par aaj main bhi utar aai jab antariksh mein tafreeh kar laut rahi thee. aur jab mummy ki baat ho to waise bhi turat pahunch gai. meri taraf se mummy-naani-aur nani ki natni ko janmdin ki bahut badhai. maata-pita door bhale chale jaate lekin sath kabhi nahin chhodte. shubhkaamnaayen.

asad ali ने कहा…

आज जब आप माँ को मिले मेरी तरफ से खूब सारा केक खिलाना
और बहुत सारा प्यार देना
मैं दुआ करूँगा की आज आपको बहुत सारा प्यार मिले
क्युकी माँ की कमी कोई पुरी नहीं कर सकता
माँ का जन्मदिन मुबारक हो ...................................................................................

Asad ali ने कहा…

आज जब आप माँ को मिले मेरी तरफ से खूब सारा केक खिलाना
और बहुत सारा प्यार देना
मैं दुआ करूँगा की आज आपको बहुत सारा प्यार मिले
क्युकी माँ की कमी कोई पुरी नहीं कर सकता
माँ का जन्मदिन मुबारक हो ...................................................................................

sanu shukla ने कहा…

माँ तो आख़िर माँ होती है बच्चो को पूरी दुनिया होती है . .!!काफ़ी भावुक पोस्ट भाईसाहब !

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

समीरजी ,
हमारे जन्मदाता जब तक हम संसार में हैं तब तक प्रतिक्षण हमारे साथ ही होते हैं …
आदरणीया मम्मीजी को श्रद्धा सुमन अर्पित हैं !
कोटि कोटि नमन !
- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

Pt. D.K. Sharma "Vatsa" ने कहा…

"माँ"सब कुछ इसी एक शब्द में समाहित है.

Pran Sharma ने कहा…

Janm din par aapne apnee maatashri
ke saath-saath apnee nanashri aur
bhateejee ko jo yaad kiyaa hai ,
bahut achchha lagaa hai.Pariwar ke
prati aapke samarpan ko naman.Kahte
hain ki vyakti kaa pariwar ke prati
prem bhaav hee samaaj aur desh ke
prati hotaa hai.Shubh kamnaaon ke
saath.

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

माँ तो माँ होती है .
लेकिन इतना obsession उचित नहीं लगता . उन्हे भी विश्राम करने दें .

अजय कुमार ने कहा…

भावनात्मक रिश्तों और वो भी मां का रिश्ता ,कैसे भूल सकते हैं

समयचक्र ने कहा…

दुनिया में जबतक ये जीवन रहता है कौन भला अपनी जन्मदात्री माँ को भूल सकता है जिसने अपनी कोख से जन्म दिया है ... दुनिया में माँ से बढ़कर कोई नहीं है....आभार

Shah Nawaz ने कहा…

आपको मम्मी जी का जन्म दिन बहुत बहुत मुबारक हो! सचमुच माँ जैसे खुदा के ईनाम की जगह कोई और नहीं ले सकता.

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

समीरजी ,
माता पिता हमसे कभी दूर नहीं होते ।
पूजनीया मम्मीजी को सादर श्रद्धासुमन अर्पित हैं !

तेरे दम से है रौनक़ घर मेरा आबाद है अम्मा !
दुआओं से मुअत्तर है ये गुलशन शाद है अम्मा !
तेरे क़दमों तले जन्नत , दफ़ीने बरकतों के हैं
ख़ुदा अव्वल , तुम्हारा नाम उसके बाद है अम्मा !
किसी भी हाल में रब अनसुना करता नहीं उसको
किया करती जो बच्चों के लिए फ़रियाद है अम्मा !

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

राजेश उत्‍साही ने कहा…

समीर भाई केवल इतने सारे जन्‍मदिनों की बधाई। पर केवल केक से काम नहीं चलेगा। गुलगुले भी बनवाइए।

Atul Sharma ने कहा…

आपके साथ हमने भी माँ को याद किया।

dhiru singh { धीरेन्द्र वीर सिंह } ने कहा…

मां तब ज्यादा याद आती है जब वह हमेशा के लिये दूर चली जाती है

dhiru singh { धीरेन्द्र वीर सिंह } ने कहा…

मां तब ज्यादा याद आती है जब वह हमेशा के लिये दूर चली जाती है

Sadhana Vaid ने कहा…

आपकी माँ जी के पुण्य स्मरण को मेरे श्रद्धा सुमन भी सादर समर्पित हैं ! जब तक ईश्वर ने चाहा उन्होंने भौतिक जीवन में आपको संरक्षण दिया अब परलोक जाने के बाद भी प्रतिदिन स्वप्न में आकर आपको भावनात्मक सम्बल दे रही हैं ! आप जैसा भाग्यशाली भला और कौन होगा ! उनके जन्मदिन की आपको बहुत बहुत बधाई !

girish pankaj ने कहा…

ai maan teri soorat se alag bhagvaan ki soorat kya hogee. bas mujhe to yah amar kavitaa yaad aatee hai. meri maan ka nidhan 1990 me huaa,lekin lagataa hai, vah ab bhi mere saath hai. maan aisee hi hotee hai. vah kabhi marti naheen. jab tak uske bete zindaa rahate hai. maan amar hai.

Mahfooz Ali ने कहा…

माँ को श्रद्धांजली ..... मुझे भी माँ हर पल याद आतीं हैं....कविता बहुत अच्छी लगी.... मन रोने जैसा हो गया है.... माँ अब याद रही हैं....

--
www.lekhnee.blogspot.com


Regards...


Mahfooz..

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

आपके लिए तो ६ जुलाई विशेष दिन है......
अपने सपने में हमारे लिए भी आशीर्वाद मांग लीजियेगा.
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

के सी वर्मा ने कहा…

DADDA .POOJAY MATA JI KO JAB AAPKE SAPNE ME AAYEN TO MERA PARNAM KAHNA...

संगीता पुरी ने कहा…

आज के दिन भला मां की याद न आए .. बहुत अच्‍छी पोस्‍ट !!

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

मां को हम कभी भूलते ही कहां हैं, और फिर जन्मदिन जैसे मौके पर??? तब जब की वो हमसे दूर चली गई हो??

डा० अमर कुमार ने कहा…


कहते हैं कि याद करते रहने पर पुण्यात्मा से मार्गदर्शन मिलता रहता है ।
उन्हें मेरा नमोनमन !

राज भाटिय़ा ने कहा…

माँ को नमन. बस नमन, जहां भी है अब खुश रहे शांति से रहे.... बस इतना ही

Tulsibhai ने कहा…

" aankh se hamari aansu " MAA " ki yaad se chalak gaye ..aaapne to maa ki yaad dila di sir "

----- eksacchai{aawaz }

http://eksacchai.blogspot.com

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आपकी माँ को प्रणाम । मीठा केक खाकर स्मृतियाँ और मीठी हों आपकी ।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

मां आपके साथ हमेशा है..

Stuti Pandey ने कहा…

आपकी माँ को प्रणाम! और जैसा प्रवीण जी ने कहा, कुछ मीठा खाईये और मीठी स्मृतियों में खो जाईये!

Arvind Mishra ने कहा…

पूज्य माँ जी को नमन ..क्या वे सपने में आयीं ?

Kusum Thakur ने कहा…

माता जी को जन्मदिन पर कोटिशः नमन !!

क्षत्रिय ने कहा…

आपकी माता जी के जन्मदिन पर उन्हे हमारा भी नमन

आचार्य उदय ने कहा…

अदभुत भाव।

राम त्यागी ने कहा…

माँ को प्रणाम समीर जी !!

श्रद्धा जैन ने कहा…

अपना शहर

अपना देश..

या

फिर

खुद अपने आप को..

हर बार मुझे

माँ

याद आती है!!

Maa.N ki yaad ..... kabhi koi kahan bhul pata hai apni maa.N bachpan, ghar , galiyan, desh .......kahan bhul paate hain .
Janamdin par aapki kavita unhe bhi bhaav vibhor kar gayi houngi....

सदा ने कहा…

मां की याद दिमाग से कभी नहीं जाएगी, चाहे हम कितने ही बड़े हो जाएं, पर मां का स्‍मरण भावुक कर जाता है, और उनका यह खास दिन, हमारी तरफ से भी श्रद्धानवत् नमन ।

P.N. Subramanian ने कहा…

माताजी को प्रणाम.

vandan gupta ने कहा…

आपकी माता जी के जन्मदिन पर उन्हे हमारा भी नमन ...........माँ बस माँ हो्ती है उसकी जगह कोई नही ले सकता।

Pawan Kumar ने कहा…

भावुक कर दिया आपने....माता जी को जन्म दिन की शुभकामनाएं.उनके अलावा और भी परिजनों को इसी दिन पर जन्मदिन की बधाई

ज्योत्स्ना पाण्डेय ने कहा…

माँ को नमन के साथ आपकी भावनाओं का सम्मान कराती हूँ, भतीजी को शुभकामनाएं...

साधवी ने कहा…

माँ की पुण्य याद को नमन.

Manish ने कहा…

माँ, माई, मम्मी.… बच्चा म शब्द पहले सीखता होगा न!
मरते दम तक उनसे मिला स्नेह याद रहता है… अभी आपको टिप्पणी लिख रहा हूँ और हमारी माता श्री सूखी जामुन के बीज निकाल रही हैं, शुगर में फायदा करता है… एक बार भी इस काम के लिए हम लोगों को नही बुलाया… लेकिन अब शायद जाना चाहिये… :( :(

अनाम ने कहा…

वो आएगी?
नही आएगी.
आप जैसे बेटे ने उन्हें अपने से दूर जाने दिया होता तब ना? अरे तीनों बर्थ डे फेरिज़ को हेप्पी बर्थ डे.
मेरे तो पीहर में ना मम्मी,पापा है औरना ससुराल में सास ससूर.
कहीं कोई चिन्ता करने वाला,इंतज़ार करने वाला नही.हा हा हा
सबसे छोटी और बहुत लाडली थी ना इसलिए भगवान ने ये अनुभव भी महसूस करने को दे ही दिया कि बेटा इंदु अब माथे और पीठ पर सिर्फ हाथ फैरे जाने को महसूस करो.
और हमने किसी को इससे वंचित नही रहने दिया. मां जब माथे पर हाथ फेरे आपके,तो कहना -'माँ ये इंदु है ............'

anju ने कहा…

bahut bhavuk lekh.aap ki maata ji ko shradha suman samarpit karti hoon.

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

माँ से बढ़ कर दुनिया में कुछ नही....माता जी को सादर नमन!!! समीर जी बेहद भावपूर्ण काव्य रचना....

निर्मला कपिला ने कहा…

हर बार मुझे

माँ

याद आती है!!
माँ आखिर माँ होती है। माता जी और परदादाएए जी की आत्मा को सादर नमन और भतीजी के लिये बहुत बहुत शुभकामनायें आशीर्वाद

KK Yadav ने कहा…

माँ कहीं नहीं जातीं, बस हमारे दिलों में रहती हैं...माँ का पुनीत स्मरण भावविभोर कर गया.

शिक्षामित्र ने कहा…

जैविक कारणों से,पुत्री को पिता से और पुत्र को माता से विशेष लगाव होता है। पुत्र के कुपुत्र हो जाने पर भी माता के कुमाता न होने के कारण ही हर पुत्र अपनी माता को शिद्दत से याद करता है।

कुमार राधारमण ने कहा…

मातृशक्ति को नमन।

Akanksha Yadav ने कहा…

माँ बस माँ है, उनका स्थान कोई नहीं ले सकता...माँ की यादों की अदभुत दुनिया, माँ भी देख रही होंगीं..नमन.

RADHIKA ने कहा…

आपकी माँ को नमन ,आपकी माँ को समर्पित यह पोस्ट बहुत अच्छी लगी .

ज्योति सिंह ने कहा…

maa se hi hamara vajood hota hai ,jab tak wo jinda hai tab tak wo bhi hamare sang hai ,is avasar par yaad karne se wo aur najdik ho gayi ,kami to poori nahi ho sakti .unke janm din par dil se badhai .

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

Aapki Maata ji ko Haardik naman.

पंकज मिश्रा ने कहा…

समीर जी ,
मां को मेरा भी पुण्‍य स्‍मरण। अच्छी लगी यह पोस्ट

राजेश स्वार्थी ने कहा…

माता जी की पुण्य स्मृति को मेरा नमन.

राजेश स्वार्थी ने कहा…

माता जी की पुण्य स्मृति को मेरा नमन.

राजेश स्वार्थी ने कहा…

माता जी की पुण्य स्मृति को मेरा नमन.

संजय तिवारी ने कहा…

माता जी को श्रृद्धा सुमन अर्पित करता हूँ.

Amit Sharma ने कहा…

आप की इस भावनात्मक स्थिति में हम सब आप के साथ हैं जन्मदिन पर मेरा भी नमन स्वीकार करें।

सूर्य गोयल ने कहा…

आपके द्वारा लिखी माँ को समर्पित यह पोस्ट वाकई भावुक करने वाली है. आपकी माता जी को शत-शत नमन और उनके जन्मदिन की बधाई. मै तो सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा की :-

माँ
जब हम छोटे थे, तो पहले आंसू आते थे.
उस समय न चाहते हुए भी तेरी याद आती थी.
आज हम बड़े है, तो पहले तेरी याद आती है.
उसके बाद मेरी आँखों से आंसू आते है.

अनाम ने कहा…

समीर लाल जी सँच कहूँ तो आज आपने अपनी माता जी को याद करके एक ऐसा काम किया है कि अगर इस कार्य के लिये आपको कोई बङे से बङा पुरस्कार भी दिया जाये तो कम है । मै आपकी माता जी को अपनी दादी जी के समान समझता हूँ । मेरी तरफ से नमन

"इस माँ का कोई मोल नही
इसके जैसा कोई बोल नही
ये प्यार सिखाती दूनिया को,
इसकी बातो का कोई तोल नही"
आपको अगर मै चाचा जी कहूँ तो बुरा मत मानियेगा । मै कोई गजलकार नही हूँ फिर भी कोसिस करके उपरोक्त चंद लाईने लिखी है । अच्छा न लगे तो डिलीट कर दिजीयेगा ।

अनाम ने कहा…

समीर लाल जी सँच कहूँ तो आज आपने अपनी माता जी को याद करके एक ऐसा काम किया है कि अगर इस कार्य के लिये आपको कोई बङे से बङा पुरस्कार भी दिया जाये तो कम है । मै आपकी माता जी को अपनी दादी जी के समान समझता हूँ । मेरी तरफ से नमन

"इस माँ का कोई मोल नही
इसके जैसा कोई बोल नही
ये प्यार सिखाती दूनिया को,
इसकी बातो का कोई तोल नही"
आपको अगर मै चाचा जी कहूँ तो बुरा मत मानियेगा । मै कोई गजलकार नही हूँ फिर भी कोसिस करके उपरोक्त चंद लाईने लिखी है । अच्छा न लगे तो डिलीट कर दिजीयेगा ।

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

माँ से प्यारा कोई नहीं...

seema gupta ने कहा…

खुद अपने आप को..

हर बार मुझे

माँ

याद आती है!!

" bhu bhavnatmak prstuti.....dair se dkehi ye post....sach hai na "maa" to "maa" hi hoti hai"

regards