गुरुवार, फ़रवरी 22, 2007

इंडिकब्लागिज अवार्ड, २००६: बहुत आभार और धन्यवाद

अभी अभी इंडिकब्लागिज इंडियन वेबलॉग अवार्ड, २००६ के परिणाम देखे. आप सबका स्नेह, मात्र एक वर्ष से भी कम समय के साथ में, देख कर मन भावविभोर हो उठा. बस, शब्द नहीं हैं मेरे पास इस वक्त आप सबका धन्यवाद और आभार कहने के लिये.

आपके स्नेह का परिणाम है कि उड़न तश्तरी को बेस्ट इंडिकब्लाग (हिन्दी),२००६ के अवार्ड से नवाजा गया.





पुनः, हसरत जयपुरी जी की पंक्तियां दोहराता हूँ:



एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों
ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों
यारों ने मेरे वास्ते क्या कुछ नहीं किया
सौ बार शुक्रिया अरे सौ बार शुक्रिया.....



मन भाव विभोर है आप सबका स्नेह पाकर. कृप्या मुझे यूँ ही आशीष देते रहें.
आप सबका का आभार और हार्दिक अभिनन्दन. Indli - Hindi News, Blogs, Links

57 टिप्‍पणियां:

राजीव ने कहा…

बधाई!

Hindi Blogger ने कहा…

उड़नतश्तरी के ज़रिए आप नित नई ऊँचाइयों तक पहुँचें, इसी शुभकामना के साथ आपको जीत की बधाई!

पूरा यक़ीन है मुझे कि यह जीत ब्लॉगिंग के क्षेत्र में आपकी सक्रियता को और बढ़ाएगी.

Reetesh Gupta ने कहा…

लालाजी,

उभरते चिठ्ठाकार तो आप ही हैं
आपको हमारी हार्दिक बधाई

antarman ने कहा…

समीर भी,
हमारे मत से आपकी तरफ पलडा झुक गया दीखे है..बहोत बहोत बधाई !!
अब बढिया प्रविष्तीयोँ का इँतज़ार रहेगा...
स ~ स्नेह,
लावण्या

Tarun ने कहा…

bahut bahut thora aur bahut badhai......

Ab to aap mante hain na, kya?

Sameer thandi hawa ka jhonka. :)

bura na maane isliye smiley laga diya.

ek baar phir se badhai

Anupam ने कहा…

Congratulations Dadddd!!!
U did it yet again ;)

Loads of love and thumbs up to you :)

नितिन व्यास ने कहा…

बधाई!

अनुराग श्रीवास्तव ने कहा…

अभी तो बस ये झांकी है,
और भी कितने बाकी है.

कामना है वो सब भी ऐसे ही आपकी झोली में समा जायें.

बधाई!!

mahashakti ने कहा…

बधाई मेहनत रंग लाई,

बेनामी ने कहा…

Sameer bhai

Dekhiye janaab, maine aapse pahle hi kaha tha khuda humari dua kabool karega.

Aapko is kamyaabi par humari Mubaarakbaad.

-Aapka Kaifi

Srijan Shilpi ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई! वर्ष 2006 की हिन्दी चिट्ठाकारी आपके नाम रही। आपने चिट्ठाकारी को समृद्ध किया और चिट्ठाकारों ने आपको सम्मानित किया।

आपका लेखन नित नई मंजिलों तक पहुँचे!

Raviratlami ने कहा…

बधाई!
अपनी पोस्टों व टिप्पणियों का कोटा भी डबल करने हेतु शुभकामनाएँ.

आखिर डबल ईनाम जो मिल गए हैं - पहले तरकश फिर अब इंडीब्लॉगीज़.

उन्मुक्त ने कहा…

बधाई

राकेश खंडेलवाल ने कहा…

सुनते हैं इतिहास हमेशा ही अपने को दोहराता है
फ़ुरसतियाजी ने बतलाया था, सत्य यही होता आया है
अभिलाषित हूँ अब बदलेंगें इतिहासों के जर्जर पन्ने
उड़नतश्तरी पर चढ़कर जो नया दिवाकर मुस्काया है.

और बधाई कया दूँ मैने टिप्पणिया पुराण से पूछा
उत्तर मिला बता दो उनको. कट कर पेस्ट स्वयं कर लेंगे
शब्दकोश मैं भेज रहा हूँ, कल परसों तक मिल जायेगा
आशा है उससे बधाइय़ाँ आप स्वयं ही चुन लेंगे

अनूप शुक्ला ने कहा…

मेरी तरफ से फिर से बधाई! अब आपको यह मिथक भी तोड़ना है कि हिंदी ब्लागर जो जीतता है वह लिखना कम कर देता है!

जगदीश भाटिया ने कहा…

विश्व के श्रेष्ठ हिंदी चिट्ठाकार, चिट्ठाकारिता के कृष्ण, हमारे मित्र, निर्मल हवा का झोंका, समीर लाल जी को बहुत बहुत बधाई।
जगदीश

Shrish ने कहा…

ओ बल्ले बल्ले समीर पा जी, हमें तो पता था कि आप ही जीतोगे। पलड़ा आपका ही भारी रहेगा (आपका वजन देखते हुए, :) स्माइली )

अब जैसा फुरसतिया भैया ने कहा आप को वो मिथक भी तोड़ना है और तसल्ली से तोड़ना है।

और हाँ कल नीरज जी के ब्लॉग पर जो ढेर सारे पटाखे खरीदे थे, उनकी आवाज यहाँ तक आनी चाहिए।

avinash ने कहा…

मेरी तरफ से भी आपको बहुत बहुत बधाई उड़न तश्‍तरी जी...

संजय बेंगाणी ने कहा…

लालाजी, संजय देख रहा है, आपका वजन एकाएक दो किलो बढ़ गया है. हा हा हा
बधाई.
कुछ पार्टी-सार्टी हो जाए....

Pratyaksha ने कहा…

बधाई बधाई ! लेकिन खाली थैंक्यू से काम नहीं चलेगा । मिठाई का टोकरा किधर है ?

Pankaj Bengani ने कहा…

Three cheers to Lalaji

Hip Hip hurray!
Hip Hip hurray!
Hip Hip hurray!
:D

आशीष ने कहा…

समीर जी बधाई !
वैसे मन्ने तो .......
खैर रहने दिजीये....
राज को राज रहने देता हूं !

शशि सिंह ने कहा…

एक बार फिर से बधाई है!!! ये तो ग्रांड स्लैम हो गया... और आप हमारे पीट सैम्प्रास. आपके लिए तो सारे शब्द पिछली बार ही खर्च कर दिया था... आपकी जीत की खुशी में एक बार फिर से बधाई के वो सारे शब्द... और... और क्या? ये बोल्ड वाली बधाई!!!

masijeevi ने कहा…

बॉस ।।
अपन पैल्‍ले ही सब फिट बोला था न बराबर
.
.
.
अगर वा लोग आई पी वगैरह डिस्‍क्‍लोज नहीं करते हैं तो दुनिया सुन ले समीर हमारे वोट से जीते हैं।

बधाई

नितिन बागला ने कहा…

बहुत बहुत बधाई समीर जी !

उन्मुक्त ने कहा…

यह तो पूछना भूल गया कि जो किताबें आप पुरुस्कार में देने वाले थे वे क्या स्वयं को देंगे?

संजीत त्रिपाठी ने कहा…

आदरणीय, आप तो छा गए गुरु, लगता है दिन गुरुओं के ही चल रहे है , इधर चित्रपट जगत में भी "गुरु" ही छाई हुई है।
छन पकईया, छन पकईया,
ले गए अवार्ड समीर भैया
बाकी रह गए सिर्फ़ देखईया…
आशा है कि अब आप और भी ज्यादा जोश-खरोश के साथ लिखेंगे और हम आपका लिखा पहले से भी ज्यादा पढ़ पाएंगे।
शुभकामनाओं के साथ

Manisha ने कहा…

बहुत बहुत बधाई।

आप और हिंदी चिठ्ठाकारी इसी प्रकार नित नई ऊंचांईयां छूते रहें, ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है।


मनीषा
hindibaat.blogspot.com

प्रियंकर ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई!

Sunil Deepak ने कहा…

इंडीब्लागीस २००६ पुरस्कार के लिए समीर जी आप को बहुत बहुत बधाई.

rachana ने कहा…

आपको खूब सारी बधाई!! आशा है आप अब और खूब सारा लिखकर खूब सारे ईनाम और खूब सारी टिप्पणियाँ पाते रहेंगे!!

Amit ने कहा…

बहुत बहुत बधाई समीर जी। :)
पार्टी कब दे रहे हैं?? ;)

Jitendra Chaudhary ने कहा…

समीर भाई,
आपको जीत की बहुत बहुत बधाई।
मै आपके ब्लॉग का शुरु से ही प्रशंसक रहा हूँ, मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप विजयी हुए।

एक महत्वपूर्ण बात, हार जीत तो प्रतियोगिता का एक पहलू है, अवार्ड चाहे किसी को भी मिल, जीत हिन्दी की ही हुई है।

Mrinal Kant (मृणाल कान्त) ने कहा…

पुरस्कार जीतने पर आपको हार्दिक बधाईयाँ।

Sagar Chand Nahar ने कहा…

ढ़ेरों बधाईयाँ,
आप जीतें या नहीं कोई मायने नहीं रखता हमारे लिये क्यों कि हमारे लिये आप का लेखन और आप स्वयं बहूमूल्य है।
आप इन सब सम्मानों से बहुत उपर हैं। आप का असली सम्मान आपके पाठकों के मन में पहले से ही है।
॥दस्तक॥

अनुनाद सिंह ने कहा…

बहुत सारी बधाई!!

बेनामी ने कहा…

डा.रमा द्विवेदी.....

समीर जी, जीत की बहुत बहुत बधाई।हमेशा प्रगतिपथ पर अग्रसर रहें यही हमारी शुभकामनाएं हैं।

॥ अनुभूति कलश ॥

Priya Ranjan Jha ने कहा…

sameer ji
badhai
der se badhai de paane ke liye maafi chahunga. samay nahin mil saka. khair, udan tashtari se bhala kaun jeet sakta so best chune jaane ki badhai. dua yahi ki hamare madhya bane rahen aur apni bholi surat ka deedar karvate rahan.

Dr.Bhawna ने कहा…

समीर जी आपको हार्दिक बधाई!!!

"कदम-दर-कदम यूँ ही बढ़ते रहो
बुलन्दी की सीढ़ी यूँ चढ़ते रहो
अनमोल नगीना ये हिन्दी का
विदेशी अँगूठी में जड़ते रहो।"

Dr.Bhawna ने कहा…

समीर जी आपको हार्दिक बधाई!!!

"कदम-दर-कदम यूँ ही बढ़ते रहो
बुलन्दी की सीढ़ी यूँ चढ़ते रहो
अनमोल नगीना ये हिन्दी का
विदेशी अँगूठी में जड़ते रहो।"

Dr.Bhawna ने कहा…

समीर जी आपको हार्दिक बधाई!!!

"कदम-दर-कदम यूँ ही बढ़ते रहो
बुलन्दी की सीढ़ी यूँ चढ़ते रहो
अनमोल नगीना ये हिन्दी का
विदेशी अँगूठी में जड़ते रहो।"

SHUAIB ने कहा…

आपका पुरस्कार मैं देख ना पाया पता नही कहां पर अटाच किया आपने फिर भी बहुत बहुत बधाई हो समीरजी।

v9y ने कहा…

बहुत बधाइयाँ! लिखना बंद/कम न कर दें, जैसा अक्सर पुरस्कार के विजेता करते आए हैं. :)

Aflatoon ने कहा…

प्रिय समीर जी ,
हार्दिक शुभकामना ।
-अफ़लातून

Nishant ने कहा…

Congratulations on Winning!!!
I never knew you had such a fabulous blog and you were such regular in posting.
It took lot of hours to read everything I missed for months.
Congratulation again! and keep up the good work!

Udan Tashtari ने कहा…

राजीव जी- आपका बहुत धन्यवाद.

हिन्दी ब्लागर- बहुत धन्यवाद आपका और आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करुँगा.

रीतेश-धन्यवाद.

लावण्या जी- बिल्कुल सही कह रही हैं आप. आपका स्नेह ही है सब. बस यूँ ही आशिष बनाये रखें. बहुत धन्यवाद.

तरुण- हम तो पहले ही आपकी बात से कहाँ इंकार कर रहे थे. :) बुरा मानने का क्या सवाल-यह तो काम्प्लिमेन्ट है भाई. :) बहुत आभार.

अनुपम- धन्यवाद-मजे करो, स्नेह!! :)

नितिन जी- धन्यवाद, आभार!

अनुराग- बहुत धन्यवाद. शुभकामनाओं के लिये भी और बधाई के लिये भी. :)

प्रमेन्द्र- बहुत धन्यवाद. सब तुम लोगों का स्नेह है.

कैफी- सच कहते थे, भाई. बहुत शुक्रिया. :)

सृजन शिल्पी जी- आपका आभार और हमेशा की तरह प्राप्त स्नेह के लिये बहुत धन्यवाद.

रवि भाई- :) जरुर प्रयास किया जायेगा कि सब कुछ डबल हो जाये मेरा वजन छोड़ कर. आपका धन्यवाद. :)

उन्मुक्त जी- बहुत धन्यवाद.

Raman Kaul ने कहा…

समीर जी, देर से सही, पर मेरी ओर से भी बधाई स्वीकारें।

Udan Tashtari ने कहा…

राकेश भाई- आपका बहुत धन्यवाद. आपकी बधाई और स्नेह तो हर वक्त मिलता है. कोई मौका विशेष इसके लिये नहीं. बस यूँ ही स्नेह देते रहें, यही सबसे बड़ी जीत है.

अनूप भाई- बहुत धन्यवाद आपका और इस मिथिक को तोड़ने को भी आपका आदेश मान कर सर आँखों पर रख रहा हूँ. बस ध्यान रहे, मार्गदर्शन पूर्ववत होना चाहिये और स्नेह दूना. इतने भरपूर को दूना कैसे करेंगे, यह आप जानो. :)

जगदीश भाई-अरे भाई, इतना न चढ़ाओ कि मैं अलग थलग पड़ जाऊँ. अपने बीच ही रहने दो. हाँ यह कृष्ण, हमारे मित्र, निर्मल हवा का झोंका, यह तीनों रख लेता हूँ. ऐसे ही साथ साथ कदम मिला कर चलें. अभी तो बहुत नये पड़ाव देखने हैं हम सब को एक दूसरे के. बहुत धन्यवाद आपका. :)


श्रीश- मैं तो सोचूँ कि हमारे मास्साब कहाँ गये. खैर आपको न पता हो यह कैसे संभव है.अब समझा, नगाड़ा वगैरह के साथ जलूस निकाल रहे हो. बहुत खुब. यार, यही वजन ही तो पूरा लफड़ा है वरना तो अभी फिल्म फेयर जीत रहे होते. इसमें स्माइली की जरुरत ही नहीं.

आप हमारा साथ यूँ ही निभाते रहे, अपन सब मिल कर फुरसतिया जी की बात को पूरा करेंगे और आपके हिसाब से, बिल्कुल तसल्ली से. :)

पटाखे उठा कर भी हम लायें और फोडे भी हम. अरे, फोड़ तो आप दो, भईये!! धड़ाम-धड़ाम!!
बहुत धन्यवाद.

अविनाश भाई- बहुत आभार और धन्यवाद.

संजय भाई- क्या दृष्टी पाई है, कैसे समझ गये भाई. सच में. साधना आज से खाना देना बंद कर रही है आपकी टिप्पणी देखकर कि अब बस टिप्पणी खाओ. पार्टी तो इतनी ड्यू होती जा रही है कि उसी को देने एक भारत यात्रा बनानी पड़ेगी, और आपका और पंकज का वजन पार्टी खिलवा खिलवाकर ५ किलो बढ़ ही जायेगा. बस यूँ ही साथ देते चलें, आभार और धन्यवाद न कह कर बस इतना कहूँगा- स्नेह!! :)

प्रत्यक्षा जी- धन्यवाद, आभार! दिल्ली में एक प्रत्यक्षा जी पूरा टोकरा लेकर बैठी हैं मिठाई का हमारी जीत पर. वहीं है!! अरे, अगली दिल्ली यात्रा पर सच में टोकरा लेकर हाजिर होना है, मेरा सौभाग्य होगा आपसे मिलना!! :)

पंकज- बोतल खोलो और थ्री चियर्स में क्या होगा, जाम पर जाम चलें, जब तक होश में हैं. अब तुमको भी आभार धन्यवाद कहूँ क्या, तुम्हीं को शर्म आ जायेगी, हा हा...बस यूँ ही हँसते खिलखिलाते रहो, बाकि तो मैं हूँ न!! कैसा रहा यह शाहरुखी अंदाज :)

आशीष- तुमने तो राज को राज रख कर बिल्कुल अहसानों तले दबा लिया. कैसे उतरेगा यह अहसान!! या अल्ला!! बहुत धन्यवाद. ऐसे ही साथ देते चलो, तुम से मुझे बहुत उम्मीद है. :)

Udan Tashtari ने कहा…

शशी भाई- आपका बहुत धन्यवाद. आपकी बधाई और स्नेह बहुत मायने रखता है. मैने बोल्ड वाला ही लिया है और आपको बोल्ड वाला धन्यवाद
बस यूँ ही साथ रखें अपनें, बहुत सम्मानित महसूस करता हूँ जब आप मुझे अपने किसी प्रोजेक्ट से मुझे जोडते हैं. :)

मसिजिवी भाई- बहुत धन्यवाद आपका और बोला तो बिल्कुल फिट, भाई. अब वो आई पी ट्रेक कर भी रहे हों तो हमें मालूम है वो आपका ही वोट था, उसी वोट का आभार और धन्यवाद . :)

नितिन भाई- बहुत धन्यवाद आपका. :)


उन्मुक्त जी- जी, खुद को देने के लिये एक बहुत बड़ा आयोजन किया है. घर पर ही है, पूरे कवाब, सुरा के साथ. विडियो भी निकाली जायेगी. खुद को खुद से पुरुस्कार दूँगा, ताली बजाऊँगा, प्रेस कवरेज करूँगा...और आपको विडियो दिखाऊँगा अगर आप नहीं आये तो!! :) वैसे सच में बताओ, क्या करना चाहिये?? सिरियस. इंतजार रहेगा आपकी सलाह का!


संजीत- अब तुम कह रहे हो, तो लिखना ही पड़ेगा वरना ऐसी अब तक की परंपरा तो नहीं इंडीब्लागी के विजेता की, मगर तुमने ज्यादा पढ़ने की इच्छा जताई है तो कैसे न मानूँ, आभार और धन्यवाद के साथ स्नेह और तुम्हारे उन्नत लेखन के लिये शुभकामनायें!! :)

मनीषा जी- धन्यवाद, आभार! प्रार्थना मे मुझे हमेशा बनाये रखें, जरुर आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करता रहूँगा!! :)

प्रियंकर जी- बहुत आभार और धन्यवाद . बस अपना स्नेह बनायें रखें और मार्ग दर्शन करते रहें.


सुनील भाई- आपकी लेखनी के तो हम दीवाने हैं. आपकी बधाई बहुत मायने रखती है और आपके स्नेह का सदैव आभारी हूँ. बहुत धन्यवाद. कभी कभी आ जाया करिये हमे भी पढ़ने. :)



रचना- खूब सारा शुक्रिया. अब आपका कहा कैसे टालूँ, आपकी आशा पूरी हो, इस हेतु हवन करवाया है.:)

Udan Tashtari ने कहा…

अमित भाई- आप आये मेरे ब्लाग पर, तब असल जीत हुई. अब सच में पार्टी की बनती है. अगली यात्रा में जगह और पार्टी आप डिसाईड करो, होस्ट हम!! मंजूर? आपका बहुत धन्यवाद.


जीतू भाई- बहुत धन्यवाद आपका और आपका कहना बिल्कुल सही है कि हिन्दी की जीत हुई है. आप हमारे साथ शुरु से हो यह आपको बताने की जरुरत ही नहीं, हम तो जानते हैं. कभी भूलता नहीं आपका कुवैत से दुबई फोन करना और फिर भोपाल से जबलपुर. बस यूँ ही साथ चलता रहे, यही पुरुस्कार है. :)

मृणाल भाई- बहुत धन्यवाद आपका. :)


सागर भाई- यही स्नेह तो हमें लिखने का विश्वास देता है. आपका हमेशा साथ रहा है, आगे भी बना रहेगा, यह मैं जानता हूँ. इतना प्यार आप लोगों से पाकर भावविभोर हुआ जाता हूँ. बहुत आभार और धन्यवाद इश्वर का कि आप सबका साथ मिला. :)


अनुनाद भाई- बहुत सारा आभार और धन्यवाद!! :)

रमा जी- धन्यवाद, आभार! इसी बहाने आप पधारीं हमारे ब्लाग पर, इससे तो हमारी रोज रोज जीतते रहने की इच्छा होने लगी है!! :)

प्रियरंजन जी- बहुत आभार और धन्यवाद . देर से ही सही मगर पहली बार आये हो. बहुत स्वागत है. हम आपकी उपस्थिती से अनुग्रहित हुये. भोली सूरत तो क्रिम पॉलिश करके बनाई है मगर आपके आने से इस ब्लाग पर जो बहार आई है वो बिल्कुल सत्य है.. कभी कभी आ जाया करो भाई समय निकाल कर, अच्छा लगेगा. :)


भावना जी- आपका आभार और हमेशा की तरह प्राप्त स्नेह के लिये बहुत धन्यवाद.


शुएब- खूब सारा शुक्रिया. यह तुम्हारा स्नेह है जो इस तरह का कुछ कुच होता रहता है..बस यूँ ही साथ चलते रहो. सफर मे मजा आता रहेगा..:)

v9y---डिकोडेड विनय भाई- आपका आभार और आपका विश्वास बनाये रखूँगा यह भरोसा रखें. मगर गल्ती सुधार कार्यक्रम से मुझे बेदखल कर आप क्यूँ अत्याचार कर रहे हैं. क्या नाराज हैं हमसे? :)

अफलातून भाई- :) आपका धन्यवाद. आपके आदेश पालन में विलम्ब के लिये क्षमापार्थी हूँ. कल छुट्टी है, आदेश का पालन किया जायेगा..आप पना स्नेह बनाये रखें. :)

Udan Tashtari ने कहा…

रमण भाई- आप और देर से? कभी नहीं..आप जब भी आयें यह मेरा सौभाग्य..आप ही से तो इस ब्लाग ने दिशा लेना शुरु किया.. आपका बहुत धन्यवाद. आप कभी कभी आ जायें तो मेरा उत्साह बना रहेगा.. यही अनुरोध है भाई.


निशांत- अरे तुमको देख कर तो मन गदगद हो गया, अब तक नहीं मालूम था तुम्हें तो इसकी सजा यह हैं कि अब लगातार पढ़ो और यहाँ टिप्पणी कर्ताओं का ब्लाग भी देखो. और अपना तकनिकी ज्ञान हिन्दी में लिखकर भी बांटो. हिन्दी लिखने को कोई साहयता चाहिये तो लिखो या फोन करो. वैसे भी तुम्हारा फोन ड्यू है, हम इंतजार कर रहें हैं. :)

अन्तर्मन (ओरिजिनल वाला) ने कहा…

समीर जी बधाइयाँ!!

राजेश कुमार ने कहा…

समीर जी, आप बेहद बधाई के पात्र हैं। आपने हिन्दी चिट्ठाकारी में काफी जोश डाला है। खुशी के इस मौके पर आपकी तरफ से एक पूरी फुल साईज पोस्ट बनती है। क्या कहते हैं भाईलोग?और हाँ, जल्दी!

मोहिन्दर कुमार ने कहा…

SAMIR JI
Aap ko bahut bahut badhai...App puran roop se is ke hukkdaar hein...
Agar mere bus mein hota toe mein ek or purskaar ke liye aap ka naam Parit Karta wo hae
"Naye Chttha karon ko Protsahan karne Hetu"

Wish you all the best in moments to follow in the world of Chittakari

Amit ने कहा…

अमित भाई- आप आये मेरे ब्लाग पर, तब असल जीत हुई. अब सच में पार्टी की बनती है.

समीर जी, मैं तो यदा कदा आपके बिलाग पर पधारता रहता हूँ(आपका नियमित पाठक नहीं हूँ यह स्वीकार करता हूँ, बुरा मत मानिएगा), टिप्पणी नहीं करता वो जुदा बात है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि पार्टी छोड़ दी जाएगी। ;)

अगली यात्रा में जगह और पार्टी आप डिसाईड करो, होस्ट हम!! मंजूर?

बिलकुल, आप अपना पिरोगराम मेरे को बता देना और अपन सब सैट कर लेंगे। :)

आपका बहुत धन्यवाद.

काहे का? पार्टी आप दोगे और आभार बाकी सभी व्यक्त करेंगे। :)

shaleen ने कहा…

Congratulations Bhaiya!!

DR PRABHAT TANDON ने कहा…

सर जी एक और ताज-पोशी के लिये बहुत-2 बधाई । देर से बधाई दे रहा हूँ ;क्षमाप्रार्थी हूँ,आज फ़ुरसत से अपने कई पसंददीदा ब्लाग के पूरे फ़ीड ले कर बैठा हूँ । हाँ, स्पेशल पार्टी { दारू पार्टी न समझें } कब तक दे रहे हैं। :)