रविवार, मई 21, 2006

टोने टोटके: नया ब्लाग: बाप रे बाप

आज़ एक नया ब्लाग देखा: टोने टोटके. कोई भी टोटके काम के नही दिखे.मै चक्कर मे था कि टोने ऎसे मिलें जिससे मालूम चले कि कैसे कुछ भी लिखो उसे अच्छा ही माना जाये, कैसे खुब टिप्पणियाँ बटोरो. कुछ नही मिला. बेकार लगा ब्लाग, ब्लागियों के बीच आये और लिख रहे हैं ना जाने किन बिमारों और परेशानों के लिये ( अब फ़ुरसतिया जी, आप तो गज़ब लिखते हो, आप ही कुछ समझाओ, संजय भाई तो समझा नही पाये).

चलो, एक टोटका मै दे देता हूँ:

ता जिंदगी, जब तक ब्लागी रहो, हर बुधवार, शाम अंधेरा घिरने के बाद, स्नान कर, ढूँढ ढूँढ कर, सबके ब्लाग पर १०८ टिप्पणियाँ करो. फ़िर कुछ भी लिखो, मज़बुरी वश लोग आपको टिप्पणियां भेजते रहेंगे.
अब समझ तो नही आ रहा, मगर पता नही कहाँ ले जा रहे हैं अपने ये टोने टोटके वाले साहिब....मगर मुझ पर ना कर देना कोई टोटका, नाराज़ हो कर, इसलिये क्षमा मांगता हूँ...वैसे कुछ सालिड उपाय बताओ यार, जैसे:



  • पत्नी को कैसे समझायें कि ब्लागिंग करना अच्छी बात है.
  • बास को कैसे सेट करें, कि वो ब्लाग लिखना/पढना आफ़िस का काम माने.


बाकि तो आपकी इच्छा, आप तो अंतर्यामी हैं, सब जानते हैं, तो आप से क्या कहें मगर भईया इस युग मे, जब और भी बहुत सी नौटंकी चल रही है, इसे रहने ही दें, अगर इसमे दम है तो यहाँ अजमायें:

  • अर्जुन सिंग का दिमाग दुरुस्त हो.
  • पाकिस्तान बाज़ आये.
  • हिन्दुस्तान अपनी ताकत पहचाने.
  • मल्लिका और राखी सावंत कपडे पहनना सिखॆं.


और सबसे जरुरी:

  • हमारी कविताओं की गहराई लोग पहचाने, और टिप्पणियां करें.


चलते चलते:


"टोने टोटके देख के, दिया समिरा रोय...
इन बातों को रोकने, क्या बाकी बचा न कोय."


बकिया बाद मे....(जीतू भाई स्टाईल)


(टीप: यह पोस्ट मात्र मनोरंजन के लिये है, किसी की टोने टोटके मे आस्था को ठेस पहुँचाने के लिये नही, उनके लिये तो टोटके वाले भाई साहब लिखते ही रहेंगे.मै तो सिर्फ़ ब्लागरर्स के लिये और अन्य कार्यों के लिये अतिरिक्त टोटकों का नारा लगा रहा हूँ)

--समीर लाल Indli - Hindi News, Blogs, Links

16 टिप्‍पणियां:

उन्मुक्त ने कहा…

क्या कहने, मजा आ गया|

Sagar Chand Nahar ने कहा…

ध्यान रखें समीर भाइ कहीं टोटके साहब नाराज हो गये तो एसा मंतर मारेंगे कि आपके ब्लोग पर कोई टिप्पनी करना तो दूर कोई पढ़ने भी नहीं आयेगा।

Pratyaksha ने कहा…

:-)

संजय बेंगाणी ने कहा…

आप तो हास्य भी अच्छा लिख लेते हैं, मजा आया और हँसी भी.
मल्लीका वल्लीका पर टोटका करवा कर काहे किसी के नयन सुख में बाधक बनते हो?

Pratik ने कहा…

टोने-टोटके वाले बड़े ख़तरनाक किस्म के लोग होते हैं, कहीं आपका ब्लॉग ही टोटका न कर दें। वैसे, बहुत मज़ेदार प्रविष्टि लिखी है। यूं ही लिखते रहिए।

Jagdish Bhatia ने कहा…

बहुत अच्चा लिखा है समीर भाई।
ये मल्लिका वाला टोटका मिल गया तो ध्यान रहे सीधा सीधा ही पढ़िएगा, कहीं गलती से उल्टा पढ़ दिया तो.......।

Pankaj Bengani ने कहा…

टोने टोटके वाले भाईसाब को मास्साब का साक्षात दंडवत प्रणाम. हुजूर ऐसा रामबाण टोटका मारो मेरे लिए की मेरी बीवी को मुझमें सब चोखा ही चोखा नज़र आवे. ऐसा हो गया तो बाई गोड ... सारी जिन्दगी टोटको में टहलता रहुंगा. ;-)

Udan Tashtari ने कहा…

उन्मुक्त जी


मजे के लिये लिखी थी, आपको मजा आया=लिखना सफ़ल! :)

धन्यवाद


सागर भाई

अरे भई, लिखते समय ही डरते डरते क्षमा मांग ली थी, फ़िर रात मे बडे खतरनाक टाईप के सपने आये, तो सुबह उठते ही टीप भी जोड दी, अब और क्या करुँ, ज्यादा लफ़डा दिखेगा तो नाम बदल कर वर्ड प्रेस पर भाग जाऊँगा.अबकी बार 'हेलिकाफ़्टर' के नाम से शुरू करूँगा, थोडा मार्डन टाईप का है.:)धन्यवाद.

प्रत्यक्षा जी

:)
अच्छा लगा आप पढकर मुस्कराईं. बहुत धन्यवाद पधारने का.


संजय भाई

सच मे!! आपने तो मेरी आँख खोल दी, मैने तो बडे सिरियसली लिखी थी और आप ने इसे हास्य माना.:)
आप निश्चिंत रहें, मल्लिका और राखी जैसों ने मंतर को बेअसर करने वाले जंतर का इंतज़ाम कर रखा है.

आप पधारे, बहुत धन्यवाद.आगे भी आते रहें अगर ब्लाग टोटके के चक्कर मे बंद ना हो जाये, तो....)


समीर लाल

Udan Tashtari ने कहा…

प्रतिक भाई

जैसा मैने सागर भाई से कहा, लिखते समय ही डरते हुये क्षमा मांग ली थी, फ़िर सुबह उठते ही टीप भी जोड दी, अब और क्या करुँ, ज्यादा लफ़डा दिखेगा तो नाम बदल कर वर्ड प्रेस पर भाग जाऊँगा..:)
मजेदारी वाली सराहना के लिये बहुत धन्यवाद, ब्लाग बचा रहा तो जरुर यूँ ही लिखता रहूँगा और आप भी आते रहना.:)धन्यवाद पधारने का.


जगदीश भाई

सराहना के लिये बहुत धन्यवाद...मिलने तो दो भईया मल्लिका वाला टोटका, आपसे ही पढवा दूँगा, जैसी भी इच्छा हो पढ देना. :)बहुत धन्यवाद.


मास्साब

अरे, आप तो खुद ही गुरू(मास्साब) हैं, आप को कोई पाठ क्या पढायेगा और खुश मिजाजी मे आपका कोई जवाब नही, तो पत्नी तो खुश रहेंगी ही..वैसे ही सब चोखा मान रही हैं तो क्यों फ़सना इन सब चक्करों मे. आप तो बस मेरा ब्लाग बचे रहे, इसकी प्रार्थना मे लगे रहो.

आप पधारे, बहुत धन्यवाद.:)


समीर लाल

Ravi Kamdar ने कहा…

मज़ा आ गया पढके। मगर एक चिज आपने बहुत गलत लिखी वो ये की मल्लिका और राखी सावंत कपडे पहनना सिखे। उसका मतलब जरा समजाइये तो भला। आप शायद उन्हें ज्यादा कपडे पहनाने के लिये टोटका ढूंढ रहे हो, मै उसका उल्टा वाला टोटका ढूंढ रहा हू!! ओ टोने टोटके वाले ब्लोगर साब, कुछ एसा टोटका बताये जिससे समीर जी का मल्लिका पर लगनेवाला टोटका फेइल जाये!! ओर उससे बिल्कुल उल्टा हो...
वेसे समीरजी, आपकी कविता मेरे जेसे लोग पढे और समज सके एसा कोइ टोटका संभव नही है, क्योकि न तो मेरे पास दिमाग है, न ही अछ्छा दिल। इसलिये एसी आशा रखना छोड दे। या तो फिर इंतेजार करे की जावेद अख्तर जेसे लेखक- कवि- शायर ब्लोग लिखना शुरु करें और आपकी कविता पर कोमेंट लगाये, वो ही आपके लायक है..

ई-छाया ने कहा…

मै भी आपकी ही तरह चौंका था समीर भाई जब मैने नारद पर ये सब देखा, मुझे लगा कहीं मै गलत जगह तो नही आ गया। पर अब मन में संतोष है कि हमारा चिठ्ठा जगत भारत का सही प्रतिनिधित्व कर रहा है। सब तरह की दुकानें हैं यहॉ।

Udan Tashtari ने कहा…

रवि भाई

चलिये, आपको मजा आया, बहुत खुशी हूई. जैसा मैने संजय भाई से भी कहा था कि आप निश्चिंत रहें, मल्लिका और राखी जैसों ने मंतर को बेअसर करने वाले जंतर का इंतज़ाम कर रखा है. अब सारी बात तो ब्लाग पर सच सच नही न लिख सकते हैं, समझा करो, भाई.
अरे, मेरी कवितायें तो बस, सीख रहा हूँ और आपने तो चने के झाड पर चढा दिया, जाविद अख्तर जी जैसओं का नाम ले कर.आप भी बहुत मजाकिया हो, भाई, हास्य लिखा करो.:)
आप पधारे, बहुत अच्छा लगा, आगे भी आते रहें अगर ब्लाग बचा रहे नही तो 'हेलिकाफ़्टर' वाला पता भेज दूँगा, वहाँ आना....

छाया भाई

प्रजातंत्र है और सबको दुकान खोलने का हक.अब दुकान पर ग्राहक आये ना आये, यह ग्राहक की मरजी...आप चौंके, अच्छा लगा, क्योंकि विषय चौंकाने वाला है, मगर कहीं चौंके ही न रह जाना, जागो और जगाओ के सूत्र अपनाओ.
पधारने क धन्यवाद.

Laxmi N. Gupta ने कहा…

समीर भैया

कैसे चलिहै तुम जैसे ब्लागर की नैया
फुरसतिया का एक बाल मँगाऔ भैया
येहिका मढ़वाऔ एकु फरेमु माँ भैया
नित्य नियम ते एहिमाँ धरौ एकु रुपैया
ई टोटका ते जो न काम होय पुरैया
पीर सय्यद साहेब की शरण जाव भैया

Udan Tashtari ने कहा…

लक्ष्मी जी

पीर सय्यद साहेब और पीर फ़ुरसतिया को बहुत बहुत प्रणाम..कृपया मुझे बचायें...सब डरा रहे हैं, आपका ही सहारा है...लक्ष्मी जी, आपका धन्यवाद, राह दिखायी.

समीर

Vivek Rastogi ने कहा…

आप सारे चिठ्ठाकार लोग नाराज हो रहे हो लगता है मैंने कोई नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है, टोने‍ टोटके ब्लाग शुरु करके, यह तो बस मैंने ऐसे ही शुरु कर दिया, जब मैं छुट्टियों पर घर आया तो धार्मिक चैनल आस्था, संस्कार, साधना आदि में ये सब दिया जा रहा था, मैंने सोचा कि जब इनकी दुकान चल रही है तो शायद अपनी भी चल जाये, आप सभी बुद्धीजीवी ब्लागर कृप्या कर मुझे बताऍ कि यह ब्लाग आगे जारी रखा जाये या नहीं, वैसे अब मेरी छुट्टियाँ खत्म हो गईं हैं |

Vivek Keserwani ने कहा…

वहसमीर जी मज़ा आ गया. अपनी लिस्ट में भारत के कल्याण वाले टोटके भी जोड़ लीजिये. भारत की अखंडता को तोड़ने वाले बहुत से लोग होते जा रहे है. कोई टोटका करे या करवायें ताकि देश तो बचा रहे. टोटके वाले साहेब कहीं मिले तो लिस्ट पकड़ा दीजियेगा राखी सावंत के कपड़े पहनने या ना पहनने से आम जनता को क्या फर्क पड़ता है? :-)