उड़न तश्तरी ....

--ख्यालों की बेलगाम उड़ान...कभी लेख, कभी विचार, कभी वार्तालाप और कभी कविता के माध्यम से......

हाथ में लेकर कलम मैं हालेदिल कहता गया
काव्य का निर्झर उमड़ता आप ही बहता गया.

शुक्रवार, मई 17, 2013

मैच फिक्सिंग: सरकार इस्तिफा दे!

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इतना बड़ा खुलासा. लाखों करोड़ों रुपयों का लेन देन और साथ में सेक्स स्कैंडल. श्री शांत के साथ साथ दो और खिलाड़ी. खिलाड़ियों समेत कई अन्यों पर...
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रविवार, मई 05, 2013

हे नीलकंठ मेरे!!

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एक अंगारा उठाया था कर्तव्यों का जलती हुई जिन्दगी की आग से, हथेली में रख फोड़ा उसे फिर बिखेर दिया जमीन पर... अपनी ही राह में, जिस पर...
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रविवार, अप्रैल 28, 2013

मेरी कविता- नई इबारत!!!

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मेरी कविता बदल दी है मैने उन सब बातों के लिए जो तुमको मान्य न थी... मेरी कविता बदल दी है मैने उन सब बातों के लिए जो सबको मान...
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मंगलवार, अप्रैल 23, 2013

मैं वही अँधेरों का आदमी…

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  तुमने छुड़ा कर हाथ मेरा जो पीछे छोड़ दिये थे अँधेरे उनसे अभ्यस्त होती मेरी ये आँखे आज जरा सी टिमटिमटाहट से उस दीपक की, जो बुझने ...
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मंगलवार, मार्च 05, 2013

चचा का यूँ गुजर जाना....हाय!!

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चचा मेरे - नाम मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग खान और लोग उन्हें प्यार से गालिब कहते थे- वो १८६९ में क्या निकले कि तड़प कर रह गये उनके चाहने वाले अच्छा...
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बुधवार, फ़रवरी 27, 2013

जीत: अब लौट भी तुम आओ

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एक लघु कथा - जीत: वह सफेद कार में था... उसने रफ्तार बढ़ा दी...नीली कार पीछे छूटी..फिर पीली वाली... एक धुन सी सवार हुई कि सबसे जीत जाना है...
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बुधवार, फ़रवरी 20, 2013

मतवाली बेखौफ़ गज़ल

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बस कोशिश थी कि कुछ कहें मगर जब बात बिगड़नी होती है तो यूँ बिगड़ती है कि साधे नहीं सधती....काफिया उखड़ा बार बार...कोई बात नही....माईने ही उखड़ गय...
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रविवार, जनवरी 20, 2013

आहिस्ता आहिस्ता!!

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सफ़हा दर सफ़हा लम्हा दर लम्हा बरस दर बरस दर्ज होता रहा किताब में मेरे दिल की तुम्हारे मेरे साथ की यादों का सफर और मैं अपने द...
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मंगलवार, दिसंबर 18, 2012

खुशियाँ मनाइये कि मेरा रेप नहीं हुआ!!!

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  पापा, आप खुशियाँ मनाइये एक उत्सव सा माहौल सजा कि आपने मुझे खत्म करवा दिया था भ्रूण मे ही मेरी माँ के वरना शायद आज मैं भी ...
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सोमवार, नवंबर 19, 2012

अधूरे सपने- अधूरी चाहतें!!

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मेरे कमरे की खिड़की से दिखता वो ऊँचा पहाड़ बचपन गुजरा सोचते कि पहाड़ के उस पार होगा कैसा एक नया संसार... होंगे जाने कैसे लोग... क...
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सोमवार, अक्टूबर 29, 2012

बन जाओ मेरी कविता का शीर्षक तुम!!

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  बन जाओ मेरी पुस्तक का शीर्षक.... जो है ३६५ पन्नों की... वर्ष के दिन की गिनती और यह संख्या.. जाने क्यूँ एक से हैं... लगे ...
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सोमवार, अक्टूबर 08, 2012

पुरुषवादी आम और उपेक्षिता नारी

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देश को जब अपनी नजर से देखता हूँ तो पाता हूँ कि यहाँ मात्र दो तरह के लोग रहते हैं- एक तो वो जो आम हैं और दूसरे वो जो आम नहीं हैं. आम तो खैर आ...
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सोमवार, अक्टूबर 01, 2012

गाँधी जी का टूटा चश्मा

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जब चपरासी रामलाल जाले हटाता, धूल झाड़ता कबाड़घर के पिछले हिस्से में गाँधी जी की मूर्ति को खोजता हुआ पहुँचा तो उड़ती धूल के मारे गाँधी जी की मूर...
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रविवार, सितंबर 30, 2012

गुरुदेव को बधाई एवं मेरी एक गज़ल

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आज गुरुदेव राकेश खण्डेलवाल जी की ५००वीं ब्लॉग पोस्ट दर्ज हुई. मन प्रसन्न हो गया. एक लम्बा सफर-५०० एक से बढ़कर एक अद्भुत गीत. जो उनका एक बार ...
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गुरुवार, सितंबर 13, 2012

सूक्ष्म कथायें: कौव्वी की आधी चोंच

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इधर फिर कुछ झैन कथायें पढ़ने का संयोग बना. तीन लाईन की कहानी, २५ लाईन के विचार देती. जो पढ़े, वो पढ़े कम, समझे ज्यादा और फिर अलग अलग मतलब लगाये...
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रविवार, सितंबर 09, 2012

मुझे उस पेड़ का दर्द मालूम है.....

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मोदी...फिर नीतिश कुमार...अब बाल ठाकरे ने सुषमा स्वराज का नाम प्रधान मंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया....अडवाणी का नाम तो खैर है ही...राहुल का नाम ...
46 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, सितंबर 04, 2012

तारीखें क्या थीं.....चलो!!! तुम बताओ!!

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वो दूर से भागता हुआ आया था इतनी सुबह...शायर की भाषा में अल सुबह और गर मैं कहूँ तो कहूँगा सुबह तो इसे क्या..क्यूँकि अभी तो रात की गिरी ओस मिल...
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बुधवार, अगस्त 08, 2012

वो हमसफर था....

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मेरे हमसफर मेरा साथ दे, मैं बहुत दिनों से उदास हूँ.. मेरे गीत को कोई साज दे, मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे हाल तिरा जो दे सके मुझे उस ...
52 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, जुलाई 20, 2012

वो वाली गज़ल..

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पिछले आलेख के साथ वादा था कि गज़ल पूरी सुनाऊंगा तो पढ़िये पूरी…और हाँ. मेरी आवाज में सुनना हो तो कमेंट करो..अगली पोस्ट में गा कर सुनायेंगे एक ...
87 टिप्‍पणियां:
सोमवार, जुलाई 02, 2012

विज्ञान और कला: एक अध्ययन

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अमरीका/कनाडा में रहना अलग बात है और भारत में रहना अलग. इससे भला कौन न सहमत होगा. जो न होगा वो मूर्ख कहलायेगा और मूर्ख कहलाना किसी भी भारतीय ...
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समीर लाल की उड़न तश्तरी... जबलपुर से कनाडा तक...सरर्रर्रर्र...
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