उड़न तश्तरी ....

--ख्यालों की बेलगाम उड़ान...कभी लेख, कभी विचार, कभी वार्तालाप और कभी कविता के माध्यम से......

हाथ में लेकर कलम मैं हालेदिल कहता गया
काव्य का निर्झर उमड़ता आप ही बहता गया.

बुधवार, अप्रैल 22, 2026

गुरु तो गुरु ही होता है!!

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  घँसू आज बड़े अचरज में था। वो तिवारी जी के लिए ऐसा समाचार लाया था कि उसे लगा पहली बार ऐसा होगा जब तिवारी जी से ज्यादा वो जान रहा होगा। उसन...
1 टिप्पणी:
रविवार, अप्रैल 12, 2026

मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला

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  हर चीज सबके लिए नहीं होती। यह बात तिवारी जी को तब समझ आई जब जोश जोश में मोहल्ले के पार्क में वो भी सबकी देखा देखी योगा दिवस के दिन योगा कर...
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सोमवार, अप्रैल 06, 2026

आज इंसान खुद को भगवान बना बैठा है

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  अब AI ( आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस) का जमाना है। बनाने वाले ने तो न जाने क्या सोच कर बनाया होगा मगर इस्तेमाल करने वालों के तो क्या कहने। बन...
4 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, अप्रैल 03, 2026

कोई आखिर इतना खा कैसे सकता है?

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  जब कभी घर पर पकोड़ी वाली कढ़ी बनती है तो पकोड़ी तल कर निकलते ही दो चार पकोड़ी यूँ ही खा जाना आम सी बात है। इसका कोई बुरा भी नहीं मानता बल्कि ऐ...
1 टिप्पणी:
सोमवार, मार्च 30, 2026

महत्वाकांक्षा किसी की और भुगते कोई

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  हमारी ससुराल के बाहर -तब किल्लत नहीं थी  तिवारी जी ईरान अमरीका युद्ध को लेकर भयंकर चिंतित थे। घं सू से बता रहे थे कि रात रात भर नींद नहीं ...
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Udan Tashtari
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समीर लाल की उड़न तश्तरी... जबलपुर से कनाडा तक...सरर्रर्रर्र...
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