उड़न तश्तरी ....

--ख्यालों की बेलगाम उड़ान...कभी लेख, कभी विचार, कभी वार्तालाप और कभी कविता के माध्यम से......

हाथ में लेकर कलम मैं हालेदिल कहता गया
काव्य का निर्झर उमड़ता आप ही बहता गया.

रविवार, जुलाई 12, 2026

तुम आदत में शुमार हो मेरी

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  प्याली से उठती भाप जाने कहाँ खो गई चाय की उस आखिरी चुस्की के साथ मगर चाय का स्वाद घुल रहा है अब भी जुबान पर मेरी और नथुनों म...
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बुधवार, जून 24, 2026

वादे से कहानी तक

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वादे से कहानी तक जो तुमने कहा था जो तुमने किया था वो भी उस वक्त एक वादा ही था न तुमने उसे निभाया न तुमने आवाज दी और उसी खामोशी में डूबा मैं ...
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शुक्रवार, जून 05, 2026

तुम अनंत हो

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तुम अनंत हो -----------------  मैं रेत पर लिखता हूँ अपना नाम और  फिर देर तक उसमें खोजता हूँ तुमको!  तुम दिखने ही वाली थी कि  आकर एक लहर पोंछ...
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बुधवार, अप्रैल 22, 2026

गुरु तो गुरु ही होता है!!

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  घँसू आज बड़े अचरज में था। वो तिवारी जी के लिए ऐसा समाचार लाया था कि उसे लगा पहली बार ऐसा होगा जब तिवारी जी से ज्यादा वो जान रहा होगा। उसन...
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रविवार, अप्रैल 12, 2026

मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला

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  हर चीज सबके लिए नहीं होती। यह बात तिवारी जी को तब समझ आई जब जोश जोश में मोहल्ले के पार्क में वो भी सबकी देखा देखी योगा दिवस के दिन योगा कर...
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Udan Tashtari
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समीर लाल की उड़न तश्तरी... जबलपुर से कनाडा तक...सरर्रर्रर्र...
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