उड़न तश्तरी ....

--ख्यालों की बेलगाम उड़ान...कभी लेख, कभी विचार, कभी वार्तालाप और कभी कविता के माध्यम से......

हाथ में लेकर कलम मैं हालेदिल कहता गया
काव्य का निर्झर उमड़ता आप ही बहता गया.

बुधवार, जुलाई 28, 2010

फिर वही दिन…

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समय बीतता जाता है और एक एक दिन करके हम न जाने किस गुणा भाग में लगे जान ही नहीं पाते कि कहाँ आ पहुँचे हैं. फिर एकाएक एक दिन साल में वो दिन आ ...
137 टिप्‍पणियां:
रविवार, जुलाई 25, 2010

एक विचार और फिर..

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बहुत सारे ऐसे दिन गुजर जाते हैं जब हम लेखक, कवि, ब्लॉगर आदि होकर भी कुछ नहीं लिख पाते. कुछ इन हालातों में आत्म ग्लानि का बोध पाल लेते हैं तो...
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बुधवार, जुलाई 21, 2010

हर शाख पर उल्लू बैठा है

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शाम को टहलने निकलता हूँ लगभग ४५ से ५० मिनट के लिए. शुद्ध हवा मिल जाती है. मन बहल जाता है और स्वास्थय पर भी अगर अच्छा नहीं, तो कम से कम बुरा ...
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रविवार, जुलाई 18, 2010

कठपुतलियाँ: एक लघु कथा एवं एक कविता

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वो सोचा करता था कि एक दिन जब जिन्दगी तो रोज रोज की भाग दौड़ से फुरसत पा लेगा, तब दिल्ली का अपना मकान बेच कर कहीं पहाड़ों में जा बसेगा. जहाँ घर...
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बुधवार, जुलाई 14, 2010

अंतिम फैसला: एक लघु कथा

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सामने टीवी पर लॉफ्टर चैलेंज आ रहा है. वो सोफे पर बैठा है और नजरें एकटक टी वी को घूर रही हैं, लेकिन वो टीवी का प्रोग्राम देख नहीं रहा है. उ...
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रविवार, जुलाई 11, 2010

मेरा सजन चॉकलेटी...

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तब तो नया नया आया था कनाडा. हालांकि नये पुराने से इस वाकिये पर कोई फरक नहीं पड़ता और न ही इस वजह से कि मैं समीर लाल हूँ. पूरा फरक सिर्फ इस बा...
102 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, जुलाई 08, 2010

चिन्नी- मंत्री पद की दावेदारी

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एक बार आपको बताया था कि कैसे चिन्नी गिलहरी मुझसे घूल मिल गई है. बुलाता हूँ तो चली आती है. खिड़की के बाजू में बैठकर मूँगफली और अखरोट मांगती ह...
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सोमवार, जुलाई 05, 2010

आज एक खास दिन!

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आज मेरी माँ का जन्म दिन है. ५ साल पहले २८ जनवरी, २००५ को वो मुझसे दूर चली गई लेकिन एक वो दिन था और एक आज का, तब से रोज रात में वो मेरे सपने ...
108 टिप्‍पणियां:
रविवार, जुलाई 04, 2010

संसाधन सीमित हैं, कृपया ध्यान रखें

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कुछ दिनों से ब्लॉगवाणी का नियमित अद्यतनीकरण किंचित कारणों से स्थगित चल रहा है. ऐसे वक्त में अधिकाधिक चिट्ठाकार चिट्ठाजगत एवं कुछ चिट्ठाकार...
65 टिप्‍पणियां:
बुधवार, जून 30, 2010

सर, आपके घर चोर आये हैं!!!

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एक बार कहीं का सुना किस्सा याद आ रहा है: अमरीकी, जपानी और हिन्दुस्तानी पुलिस के मुखिया मिटिंग में थे. अमरीकी बोला कि हम तो चोरी के बीस मिन...
106 टिप्‍पणियां:
रविवार, जून 27, 2010

द आर्ट ऑफ डाईंग

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जन्म लेना और मरना हमारे हाथ में नहीं. मृत्यु एक अटल सत्य है किन्तु इन्सान उम्र के किसी भी पड़ाव पर हो, उसके जीने की लालसा खतम नहीं होती. ...
100 टिप्‍पणियां:
बुधवार, जून 23, 2010

सजना है मुझे, सजना के लिए!!

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कभी सीखा था कि ज्ञान बाँटने से बढ़ता है. कोशिश यही होती है कि जो कुछ भी जानें या सीखें, उसे मित्रों के साथ बाँटें. अक्सर लोगों को अपने आलेखो...
93 टिप्‍पणियां:
रविवार, जून 20, 2010

जरा सा बखान, कुछ तस्वीरें और एक लघु कथा

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पारिवारिक व्यस्तताओं के बीच नेट पर आना न के बराबर चल रहा है और इस बीच देख रहा हूँ कि ब्लॉगवाणी भी किन्हीं तकनिकी समस्यायों के तहत नई पोस्ट ...
67 टिप्‍पणियां:
बुधवार, जून 16, 2010

राम मिलन: इन्टरनेशनल ब्लॉगर मीट

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राम त्यागी शिकागो से क्या आये और ऐसी इन्टरनेशनल ब्लॉगर मीट कर गये कि तबसे अब तक समय का ही आकाल पड़ गया है. व्यस्तता की हद ऐसी कि अपना प्र...
78 टिप्‍पणियां:
रविवार, जून 13, 2010

पुरस्कार!!

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बहुत सुन्दर कालोनी है. करीब ८० मकान. अधिकतर लोग, जिन्होंने यह मकान बनवाये थे रिटायर हो गये हैं. कुछ के बेटे बहु साथ ही रहते हैं तो कुछ अके...
92 टिप्‍पणियां:
बुधवार, जून 09, 2010

चाँद: वो बचपन वाला!!

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बचपन में गर्मियों में छत पर सोया करते थे. देर रात तक चाँद देखते. उसमें दिखती कभी बुढ़िया की तस्वीर, कभी रुई के फाहे, कभी बर्फ के पहाड़, कभी छो...
119 टिप्‍पणियां:
रविवार, जून 06, 2010

बेवजह की शोध: फिजूल खर्ची!!

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एक समाचार पढ़ता था... अब आ गई सिगरेट छुड़ाने वाली मशीन दिल्ली के दो सरकारी अस्पतालों और इनके तंबाकू से निजात दिलाने वा...
90 टिप्‍पणियां:
बुधवार, जून 02, 2010

कविता का मौसम

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कविता का मौसम बस मुहाने पर ही है. गरमी तो वैसे भी कविता का पौधा सूख जाता है और बारिश के साथ लहलहा उठता है. सावन, बारिश, बरखा, मोर, मोरनी, झू...
113 टिप्‍पणियां:
रविवार, मई 30, 2010

हे प्रभु!! ये कैसी दुनिया तेरी!

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कमर का दर्द, वैसे तो अब काहे की कमर, कमरा ही कहो, हाय!! बैठने नहीं देता और ये छपास पीड़ा, लिखूँ और छापूँ, लेटने नहीं देती. कैसी मोह माया है य...
109 टिप्‍पणियां:
बुधवार, मई 26, 2010

दाल, भात और भाटे पालक की भाजी!!!

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”अम्मा, खाना लगा दे” ”क्या हुआ, आज जल्दी जायेगा क्या स्कूल?” ”हाँ अम्मा, वो क्लास के पहिले सुदेश की गणित किताब से कुछ प्रश्न उतारने है. उ...
115 टिप्‍पणियां:
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समीर लाल की उड़न तश्तरी... जबलपुर से कनाडा तक...सरर्रर्रर्र...
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